Mumbai, Delhi समेत कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, IMD ने जताया और बारिश का अनुमान

Maharashtra/Delhi: देश के कई हिस्सों में मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय हो गया है। मुंबई में भारी बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है, वहीं दिल्ली में बारिश से तापमान में गिरावट आई है और लोगों को गर्मी से राहत मिली

Maharashtra/Delhi: देश के कई हिस्सों में मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय हो गया है। मुंबई में भारी बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है, वहीं दिल्ली में बारिश से तापमान में गिरावट आई है और लोगों को गर्मी से राहत मिली है। मौसम विभाग (IMD) ने आने वाले कुछ दिनों तक मध्य भारत के राज्यों में और अधिक बारिश होने की चेतावनी दी है।

मुंबई और उसके आसपास के जिलों जैसे ठाणे, पालघर और रायगढ़ के लिए IMD ने ‘रेड अलर्ट’ जारी किया है। यहां भारी से बहुत भारी बारिश और 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है। बारिश का असर इतना ज्यादा था कि मुंबई के विक्रोली इलाके में 8 घंटे के भीतर करीब 260 मिमी बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा परेल, माटुंगा-दादर और फोर्ट जैसे इलाकों में भी भारी पानी बरसा। इस वजह से अंधेरी, कुर्ला, साकीनाका और चेंबूर जैसे निचले इलाकों में पानी भर गया, जिससे सड़क और रेल यातायात प्रभावित हुआ। पश्चिमी रेलवे की नालासोपारा और विरार के बीच ट्रेनों की आवाजाही पर असर पड़ा।

इस आपदा के बीच कुछ दुखद घटनाएं भी सामने आईं, जहां एक स्कूल बस पर पेड़ गिरने से 11 साल के बच्चे और एक खुले मैनहोल में गिरने से 60 साल के व्यक्ति की मौत हो गई। स्थिति को देखते हुए महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने लोगों से अनावश्यक यात्रा न करने की अपील की। साथ ही, BMC ने छात्रों की सुरक्षा के लिए 4 जुलाई की दोपहर के सत्र में स्कूलों और कॉलेजों की छुट्टी घोषित कर दी थी।

दूसरी तरफ, दिल्ली में 2 जुलाई को मानसून की आधिकारिक एंट्री हुई। यहां 4 जुलाई को ‘ऑरेंज अलर्ट’ और अन्य इलाकों में ‘येलो अलर्ट’ जारी किया गया था। हल्की बारिश और गरज-चमक के कारण दिल्ली का अधिकतम तापमान गिरकर 33 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो सामान्य से 4 डिग्री कम है। मौसम विभाग के मुताबिक 6 से 8 जुलाई के बीच दिल्ली में व्यापक मानसून बारिश होने की उम्मीद है।

IMD के अनुसार, बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पश्चिमी हिस्से में एक कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। इसकी वजह से अगले चार से पांच दिनों तक मध्य भारत में मानसून सक्रिय रहेगा। इसका असर ओडिशा, झारखंड, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, विदर्भ और गुजरात के कुछ हिस्सों में 10 जुलाई तक देखा जा सकता है। कोंकण और गुजरात में 7 जुलाई तक और मध्य महाराष्ट्र में 6 जुलाई तक अत्यधिक भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है।