Mumbai में दादर से घाटकोपर तक बनेंगे 4 नए ओवरब्रिज, ट्रैफिक जाम से मिलेगी बड़ी राहत
Maharashtra: मुंबई के दादर से घाटकोपर के बीच ट्रैफिक की समस्या को खत्म करने के लिए 1,179 करोड़ रुपये की लागत से चार नए रोड ओवरब्रिज (ROB) बनाए जा रहे हैं। इन प्रोजेक्ट्स का काम BMC और MRIDC मिलकर कर रहे हैं। पुराने ब्रिट
Maharashtra: मुंबई के दादर से घाटकोपर के बीच ट्रैफिक की समस्या को खत्म करने के लिए 1,179 करोड़ रुपये की लागत से चार नए रोड ओवरब्रिज (ROB) बनाए जा रहे हैं। इन प्रोजेक्ट्स का काम BMC और MRIDC मिलकर कर रहे हैं। पुराने ब्रिटिश जमाने के पुल अब ट्रैफिक का बोझ नहीं सह पा रहे थे, इसलिए इनकी जगह अब चौड़े और मजबूत पुल बनाए जा रहे हैं ताकि शहर के पूर्व और पश्चिम हिस्से के बीच कनेक्टिविटी बेहतर हो सके।
इन चारों पुलों में से तीन केबल-स्टेड डिजाइन के होंगे। सबसे खास प्रभादेवी का एल्फिंस्टन ब्रिज है, जो मुंबई का पहला डबल-डेकर रोड ओवरब्रिज होगा। इस पुल का निचला हिस्सा लोकल ट्रैफिक के लिए होगा और ऊपरी हिस्सा सेवरी-वर्ली एलिवेटेड कॉरिडोर से जुड़ेगा। एल्फिंस्टन ब्रिज को हटाने का काम अप्रैल 2026 में पूरा हो चुका है और इसके ऊपरी हिस्से को सितंबर 2026 तक तैयार करने का लक्ष्य है।
| खासियत | संभावित समय | लागत/विवरण | |
|---|---|---|---|
| एल्फिंस्टन ब्रिज (प्रभादेवी) | पहला डबल-डेकर ब्रिज | अगस्त-सितंबर 2026 | ₹167 करोड़ (रेलवे हिस्सा) |
| तिलक ब्रिज (दादर) | 6-लेन केबल-स्टेड ब्रिज | मई 2027 | क्षमता तीन गुना बढ़ेगी |
| Y ब्रिज (भायखला) | 4-लेन केबल-स्टेड ब्रिज | दिसंबर 2026 | ₹287 करोड़ |
| घाटकोपर ROB | सबअर्ब्स का पहला केबल-स्टेड | जून 2027 | ₹350 करोड़ |
दादर का तिलक ब्रिज 1925 में बना था, जिसे अब 600 मीटर लंबे 6-लेन पुल में बदला जा रहा है। भायखला का Y ब्रिज दिसंबर 2026 तक खुलने की उम्मीद है, जिसमें LED लाइटिंग और यूटिलिटी डक्ट की सुविधा होगी। वहीं घाटकोपर का पुल सबसे चुनौतीपूर्ण है क्योंकि यह मेट्रो और आने वाली बुलेट ट्रेन लाइन को क्रॉस करेगा। अतिक्रमण की वजह से घाटकोपर प्रोजेक्ट की डेडलाइन बढ़ाकर जून 2027 कर दी गई है। फिलहाल पुराने पुल पर भारी वाहनों की एंट्री बंद है और मेंटेनेंस के जरिए इसे चालू रखा गया है।