Maharashtra: मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज वास्तु संग्रहालय (CSMVS) में ‘The Stone Age: Journey Through Time’ नाम की एक खास प्रदर्शनी शुरू हुई है। इसका उद्घाटन गुरुवार, 16 अप्रैल 2026 को किया गया। इस प्रदर्श
Maharashtra: मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज वास्तु संग्रहालय (CSMVS) में ‘The Stone Age: Journey Through Time’ नाम की एक खास प्रदर्शनी शुरू हुई है। इसका उद्घाटन गुरुवार, 16 अप्रैल 2026 को किया गया। इस प्रदर्शनी का मकसद भारत के प्रागैतिहासिक काल (pre-history) को दुनिया के नक्शे पर लाना है, जिसे अक्सर म्यूजियम में नजरअंदाज किया गया।
प्रदर्शनी में क्या-क्या खास है और कौन से औजार दिखेंगे?
इस गैलरी में इंसान के विकास की कहानी को तीन हिस्सों में बांटा गया है: पुरापाषाण काल (Palaeolithic), मध्यपाषाण काल (Mesolithic) और नवपाषाण काल (Neolithic)। यहाँ दुनिया के सबसे पुराने औजार रखे गए हैं, जिनसे पता चलता है कि पुराने समय में इंसान कैसे रहता था और शिकार करता था।
| वस्तु (Artifact) |
कहाँ से मिली |
खासियत |
| चॉपिंग टूल (Chopper) |
तंजानिया (Olduvai Gorge) |
लगभग 25 लाख साल पुराना, Homo habilis द्वारा बनाया गया |
| हैंड-एक्स (Hand-axe) |
कर्नाटक, भारत |
नाशपाती के आकार का पत्थर का औजार |
| ऑब्सिडियन ब्लेड |
मेसोअमेरिका |
पत्थर का बहुत तेज धार वाला ब्लेड |
| चाकू और स्क्रैपर्स |
महाराष्ट्र और सिंध |
पुराने समय में इस्तेमाल होने वाले औजार |
| पलाक्वेट (Plaquette) |
फ्रांस (ब्रिटिश म्यूजियम से) |
हिरण और घोड़ों की कलाकृति |
इस प्रदर्शनी की तैयारी और मुख्य अधिकारी कौन हैं?
CSMVS के डायरेक्टर-जनरल Sabyasachi Mukherjee ने बताया कि वे भारत की पुरानी जड़ों को सामने लाना चाहते थे। इस प्रदर्शनी को तैयार करने के लिए British Museum और Getty के Sharing Collection Program के साथ साझेदारी की गई है। उद्घाटन के मौके पर पुरातत्वविद् और सर जेजे डी नोवो यूनिवर्सिटी के चांसलर Arvind Jamkhedkar मुख्य अतिथि थे, जिन्होंने पुरातत्व पर एक मास्टरक्लास भी ली। म्यूजियम में पुरातत्व विभाग की कमान Curator Aparna Bhogal संभाल रही हैं।
आम लोग इसे कब और कैसे देख सकते हैं?
यह प्रदर्शनी ‘Networks of the Past’ गैलरी का हिस्सा है और आने वाले तीन सालों तक दर्शकों के लिए खुली रहेगी। यहाँ भीमबेटका की गुफाओं की पेंटिंग्स को दिखाने के लिए एक खास मॉडल (diorama) भी लगाया गया है। इन औजारों के जरिए लोग यह समझ पाएंगे कि पुराने समय में इंसान ने कैसे पलायन किया, समूहों में कैसे रहा और व्यापार कैसे शुरू किया।