Maharashtra: मुंबई क्राइम ब्रांच ने अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के करीबी सलीम डोला को अपनी हिरासत में ले लिया है। यह कार्रवाई 253 करोड़ रुपये के एमडी (MD) ड्रग्स मामले से जुड़ी है। पुलिस अब डोला से पूछताछ कर यह पता लगाए
Maharashtra: मुंबई क्राइम ब्रांच ने अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के करीबी सलीम डोला को अपनी हिरासत में ले लिया है। यह कार्रवाई 253 करोड़ रुपये के एमडी (MD) ड्रग्स मामले से जुड़ी है। पुलिस अब डोला से पूछताछ कर यह पता लगाएगी कि ड्रग्स का यह बड़ा नेटवर्क किन-किन लोगों तक फैला हुआ है।
सलीम डोला कौन है और उसे कैसे पकड़ा गया
सलीम डोला एक अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्कर है जिस पर ड्रग्स बनाने वाली यूनिट्स को पैसा देने का आरोप है। मार्च 2024 में इसके खिलाफ इंटरपोल ने रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया था। इसके बाद तुर्की के इस्तांबुल में इसे पकड़ा गया और NCB ने 28 अप्रैल 2026 को इसे भारत लाया। भारत आने के बाद इसे पहले NCB की हिरासत में रखा गया था, जिसके बाद अब मुंबई क्राइम ब्रांच ने इसकी कस्टडी ली है।
ड्रग्स सिंडिकेट और पुलिस की कार्रवाई
यह पूरा मामला सांगली में चल रहे ड्रग्स मैन्युफैक्चरिंग केस से जुड़ा है। जांच में सामने आया है कि डोला हर महीने आरोपी फैसल शेख को करीब 40 किलो एमडी ड्रग्स सप्लाई करता था। क्राइम ब्रांच अब डोला से महाराष्ट्र के अलावा कर्नाटक और तेलंगाना में चल रहे नार्कोटिक्स केस के बारे में भी पूछताछ करेगी। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी साफ किया है कि ड्रग सिंडिकेट के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी।
कोर्ट की कार्यवाही और वर्तमान स्थिति
सलीम डोला को बुधवार, 13 मई 2026 को एस्प्लेनेड कोर्ट में पेश किया गया। इससे पहले किला कोर्ट ने NCB को 14 दिन की न्यायिक हिरासत दी थी। क्राइम ब्रांच ने विशेष NDPS कोर्ट में अर्जी देकर डोला की कस्टडी मांगी थी ताकि अंतर-राज्यीय सिंडिकेट का पर्दाफाश किया जा सके।
Frequently Asked Questions (FAQs)
सलीम डोला को भारत कैसे लाया गया?
सलीम डोला के खिलाफ इंटरपोल ने रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया था। तुर्की के अधिकारियों ने उसे इस्तांबुल में पकड़ा, जिसके बाद NCB ने 28 अप्रैल 2026 को उसे भारत लाया।
यह ड्रग केस कितना बड़ा है और इसमें क्या आरोप हैं?
यह सांगली का एमडी ड्रग केस है जिसमें 253 करोड़ रुपये के ड्रग्स की जब्ती हुई है। सलीम डोला पर इन ड्रग्स की मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स को फाइनेंस करने और सप्लाई करने का आरोप है।