Maharashtra: मुंबई की एक सेशन कोर्ट ने 19 साल के युवक की मौत के मामले में 22 साल के एक शख्स को सजा सुनाई है। कोर्ट ने किस्मत हसीम शेख को गैर-इरादतन हत्या (Culpable Homicide) का दोषी पाया है। इस मामले में आरोपी को 7 साल क
Maharashtra: मुंबई की एक सेशन कोर्ट ने 19 साल के युवक की मौत के मामले में 22 साल के एक शख्स को सजा सुनाई है। कोर्ट ने किस्मत हसीम शेख को गैर-इरादतन हत्या (Culpable Homicide) का दोषी पाया है। इस मामले में आरोपी को 7 साल की कड़ी कैद और 3,000 रुपये जुर्माने की सजा मिली है।
क्या था पूरा मामला और कैसे हुई मौत
यह घटना 10 जुलाई 2016 की है, जब धारावी इलाके में एक टॉयलेट के पास झगड़ा हुआ था। इस झगड़े के दौरान किस्मत हसीम शेख ने प्रशांत उर्फ प्रफुल्ल बालासाहेब लोंढे नाम के 19 साल के युवक पर हमला किया था। हमले के बाद प्रशांत को Sion Hospital ले जाया गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। धारावी पुलिस ने शुरुआत में इस मामले में हत्या का केस दर्ज किया था।
कोर्ट ने सजा सुनाते समय किन बातों पर गौर किया
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश R J Pawar ने फैसला सुनाते हुए कुछ अहम बातें कहीं। कोर्ट ने माना कि अभियोजन पक्ष यह साबित नहीं कर पाया कि आरोपी का मकसद जान से मारना था, इसलिए इसे हत्या के बजाय गैर-इरादतन हत्या माना गया। हालांकि, सबूतों से यह साफ था कि अचानक हुए झगड़े में आरोपी ने शारीरिक हमला किया था।
केस से जुड़ी मुख्य जानकारियां
| विवरण |
जानकारी |
| आरोपी का नाम |
Kismat Hasem Shaikh (22 वर्ष) |
| मृतक का नाम |
Prashant alias Prafulla Balasaheb Londhe (19 वर्ष) |
| घटना की तारीख |
10 जुलाई 2016 |
| सजा |
7 साल की कठोर कारावास और 3,000 रुपये जुर्माना |
| न्यायाधीश |
Additional Sessions Judge R J Pawar |
| सरकारी वकील |
M S Choudhary |
इस केस में कोई सीधा चश्मदीद गवाह नहीं था, इसलिए सरकारी वकील M S Choudhary ने परिस्थितिजन्य साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर केस लड़ा। मेडिकल रिपोर्ट में पाया गया कि मृतक के दिमाग में अंदरूनी सूजन और जमाव था, जो हमले के कारण हुआ था।