Mumbai में 44 सोमाली समुद्री लुटेरों को उम्रकैद, कोर्ट ने Indian Navy की बहादुरी की तारीफ की

Maharashtra: मुंबई की एक विशेष अदालत ने समुद्री लुटेरी के मामलों में बड़ा फैसला सुनाते हुए 44 सोमाली नागरिकों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। अदालत ने इस पूरे ऑपरेशन में भारतीय नौसेना की तत्परता और साहस की सराहना की है। यह फ

Maharashtra: मुंबई की एक विशेष अदालत ने समुद्री लुटेरी के मामलों में बड़ा फैसला सुनाते हुए 44 सोमाली नागरिकों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। अदालत ने इस पूरे ऑपरेशन में भारतीय नौसेना की तत्परता और साहस की सराहना की है। यह फैसला सोमवार, 20 जुलाई 2026 को सुनाया गया।

यह मामला दो अलग-अलग जहाजों की हाईजैकिंग से जुड़ा था। इनमें से 35 लुटेरों ने मालटाई मर्चेंट वेसल MV Ruen को निशाना बनाया था, जबकि बाकी 9 लुटेरों ने ईरानी फिशिंग वेसल Al-Kambar 786 का अपहरण किया था। इन लुटेरों को मार्च 2024 में भारतीय सशस्त्र बलों ने एंटी-पायरेसी ऑपरेशन के दौरान गिरफ्तार किया था।

विशेष न्यायाधीश S.B. Dige ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए अधिकतम सजा यानी उम्रकैद का फैसला दिया। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि Indian Navy ने अंतरराष्ट्रीय और कानूनी कर्तव्यों को पूरी निष्ठा और जोखिम उठाकर निभाया है।

इन लुटेरों पर भारतीय दंड संहिता, आर्म्स एक्ट, पासपोर्ट एक्ट, फॉरेनर्स एक्ट, मैरीटाइम एंटी-पायरेसी एक्ट और UAPA समेत कई गंभीर धाराएं लगी थीं। साथ ही उन पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत अपहरण और हत्या के प्रयास के आरोप भी साबित हुए।

अदालत में सुनवाई के दौरान आरोपियों ने अपनी गरीबी और पहली बार अपराध करने की बात कहकर माफी मांगी थी। उन्होंने यह भी कहा कि पिछले दो सालों से जेल में भाषा और खान-पान की वजह से उन्हें काफी दिक्कतें हुईं। हालांकि, स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर रंजीत सांगले ने सख्त सजा की मांग की, जिसे कोर्ट ने स्वीकार किया।

इस ऑपरेशन में INS Kolkata ने MV Ruen केस के 35 आरोपियों को पकड़ा था, वहीं INS Trishul और Sumedha ने Al-Kambar जहाज को बचाकर 9 लुटेरों को गिरफ्तार किया था।