Mumbai में 44 सोमाली समुद्री लुटेरों को उम्रकैद, Maritime Anti-Piracy Act के तहत पहली बार हुई सजा
Maharashtra: मुंबई की एक विशेष अदालत ने समुद्री लुटेरी के मामले में 44 सोमाली नागरिकों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। यह फैसला सोमवार, 20 जुलाई 2026 को आया। यह भारत के लिए एक बहुत बड़ा कदम है क्योंकि Maritime Anti-Piracy Ac
Maharashtra: मुंबई की एक विशेष अदालत ने समुद्री लुटेरी के मामले में 44 सोमाली नागरिकों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। यह फैसला सोमवार, 20 जुलाई 2026 को आया। यह भारत के लिए एक बहुत बड़ा कदम है क्योंकि Maritime Anti-Piracy Act, 2022 के तहत यह पहली बार है जब किसी को सजा सुनाई गई है।
ये सभी आरोपी सोमाली नागरिक हैं जिन्हें भारतीय नौसेना ने मार्च 2024 में अरब सागर से पकड़ा था। इनमें से 35 लोग दिसंबर 2023 में मालटाइज जहाज MV Ruen को हाईजैक करने में शामिल थे और 9 लोग मार्च 2024 में ईरानी मछली पकड़ने वाले जहाज Al Kambar 786 को कब्जे में लेने के आरोपी थे। भारतीय नौसेना ने अपनी बहादुरी से MV Ruen से 17 और Al Kambar 786 से 23 पाकिस्तानी चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित बचाया था।
विशेष न्यायाधीश S.B. Dige ने अपने फैसले में कहा कि समुद्र में जहाज हाईजैक करना, चालक दल को बंधक बनाना और फिरौती के लिए उनकी जान को खतरे में डालना बहुत गंभीर अपराध है। कोर्ट ने साफ किया कि ऐसी हरकतों को हल्के में नहीं लिया जा सकता। स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर रंजीत सांगले ने बताया कि यह फैसला अंतरराष्ट्रीय कानूनों और समुद्री लुटेरी के खिलाफ भारत की जीरो टॉलरेंस नीति को मजबूत करता है।
सजा सुनाए जाने से पहले सभी 44 आरोपियों ने अपना गुनाह कबूल कर लिया था। उन्होंने कोर्ट से रहम की गुहार लगाते हुए कहा कि उन्हें नवी मुंबई की तलोजा जेल में भाषा, खान-पान और सांस्कृतिक अंतर की वजह से काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि उनके परिवार का कोई साथ नहीं है।
इन आरोपियों पर Maritime Anti-Piracy Act के अलावा UAPA, भारतीय दंड संहिता (IPC), आर्म्स एक्ट, पासपोर्ट एक्ट, फॉरेनर्स एक्ट और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की कई धाराओं के तहत केस चलाया गया। साथ ही भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत अपहरण और हत्या के प्रयास के आरोप भी लगाए गए थे। कोर्ट ने इस पूरे ऑपरेशन में भारतीय नौसेना की तत्परता और अंतरराष्ट्रीय कर्तव्यों को निभाने की तारीफ भी की।