Mumbai की स्पेशल कोर्ट ने 44 सोमाली समुद्री लुटेरों को सुनाई उम्रकैद, Indian Navy की बहादुरी की तारीफ

Maharashtra: मुंबई की एक स्पेशल कोर्ट ने समुद्री लुटेरी और बंधक बनाने जैसे गंभीर अपराधों के मामले में 44 सोमाली नागरिकों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। यह फैसला दो अलग-अलग मामलों में आया है, जिसमें कोर्ट ने इन लुटेरों की हर

Maharashtra: मुंबई की एक स्पेशल कोर्ट ने समुद्री लुटेरी और बंधक बनाने जैसे गंभीर अपराधों के मामले में 44 सोमाली नागरिकों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। यह फैसला दो अलग-अलग मामलों में आया है, जिसमें कोर्ट ने इन लुटेरों की हरकतों को आतंकवाद के समान माना है। इस दौरान अदालत ने भारतीय नौसेना की तत्परता और बहादुरी की जमकर सराहना की, जिन्होंने अपनी जान जोखिम में डालकर जहाजों के क्रू को बचाया था।

यह मामला मार्च 2024 का है जब Indian Navy ने ऑपरेशन के दौरान इन लुटेरों को पकड़ा था। इन आरोपियों ने जुलाई 2026 की शुरुआत में खुद अपना गुनाह कबूल कर लिया था। स्पेशल जज एस.बी. डिगे ने कहा कि आरोपियों ने बिना किसी दबाव के अपनी गलती मानी है। इन लुटेरों पर Maritime Anti-Piracy Act, UAPA, भारतीय न्याय संहिता (BNS), आर्म्स एक्ट और पासपोर्ट एक्ट जैसी कई धाराओं के तहत केस दर्ज था। खास बात यह है कि Maritime Anti-Piracy Act, 2022 के तहत यह भारत का पहला दोषसिद्धि मामला है।

कोर्ट ने पाया कि इन लुटेरों ने जहाजों को हाईजैक किया, फिरौती के लिए लोगों को बंधक बनाया और क्रू मेंबर्स को ढाल की तरह इस्तेमाल किया। स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर रंजीत सांगले ने इस फैसले को एक ऐतिहासिक कदम बताया है। उन्होंने यह भी कहा कि आपसी कानूनी समझौतों के तहत इन दोषियों को वापस सोमालिया भेजा जा सकता है।

इस पूरे ऑपरेशन में भारतीय नौसेना के कई जहाजों ने अहम भूमिका निभाई थी। इनमें INS Trishul, INS Sumedha, INS Kolkata, INS Kochi और INS Subhadra शामिल थे। मरीन कमांडोज ने बहादुरी दिखाते हुए FV Al Kambar और MV Ruen जैसे जहाजों से लोगों को छुड़ाया था। लुटेरों के वकीलों ने कोर्ट से सजा कम करने की अपील की थी और कहा था कि जेल में उन्हें भाषा और खाने-पीने की दिक्कतों का सामना करना पड़ा, लेकिन कोर्ट ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए उम्रकैद की सजा बरकरार रखी।