Maharashtra: मुंबई के New India Cooperative Bank में हुए करोड़ों रुपये के घोटाले के आरोपी पूर्व चेयरमैन Hiren Bhanu और पूर्व वाइस चेयरमैन Gauri Bhanu को बड़ा झटका लगा है। इन दोनों ने ब्रिटेन (UK) से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग
Maharashtra: मुंबई के New India Cooperative Bank में हुए करोड़ों रुपये के घोटाले के आरोपी पूर्व चेयरमैन Hiren Bhanu और पूर्व वाइस चेयरमैन Gauri Bhanu को बड़ा झटका लगा है। इन दोनों ने ब्रिटेन (UK) से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट में पेश होने की अर्जी लगाई थी, जिसे कोर्ट ने सिरे से खारिज कर दिया। कोर्ट ने उनकी इस मांग को गलत बताया और कहा कि यह उनके अहंकार और विशेषाधिकार की भावना को दर्शाता है।
क्या है पूरा मामला और कोर्ट ने क्यों लगाई फटकार?
मुंबई के Esplanade कोर्ट के ACJM Abhijit Solapure ने इस याचिका को खारिज करते हुए कहा कि आरोपियों की व्यक्तिगत इच्छाओं के लिए इलेक्ट्रॉनिक कार्यवाही की अनुमति नहीं दी जा सकती। कोर्ट ने साफ किया कि ऐसा करने से जांच और ट्रायल की गरिमा कम होगी। आरोपियों ने दावा किया था कि भारत लौटने पर उन्हें जान का खतरा है, लेकिन कोर्ट ने पाया कि रिकॉर्ड में इस बात का कोई सबूत नहीं है। कोर्ट ने यह भी कहा कि यह घोटाला किसी एक दिन में नहीं, बल्कि सालों तक आरोपियों की नाक के नीचे हुआ था।
बैंक घोटाले से जुड़ी मुख्य जानकारियां
| विवरण |
जानकारी |
| कुल घोटाला राशि |
लगभग 122 करोड़ रुपये |
| मुख्य आरोपी |
Hitesh Mehta (पूर्व GM और अकाउंट्स हेड) |
| जांच एजेंसी |
मुंबई पुलिस की Economic Offences Wing (EOW) |
| RBI की खोज |
फरवरी 2025 में गड़बड़ी पकड़ी गई |
| लापता राशि |
प्रभादेवी ब्रांच से 112 करोड़, गोरेगांव से 10 करोड़ |
| ED की कार्रवाई |
Hiren Bhanu की विदेशी कंपनियों में 45 करोड़ भेजे गए |
आरोपी कब छोड़कर गए भारत?
जांच के मुताबिक, Hiren Bhanu 26 जनवरी 2025 को भारत छोड़कर चले गए और Gauri Bhanu 10 फरवरी 2025 को बाहर गईं। बताया जा रहा है कि Hiren Bhanu ने अपनी भारतीय नागरिकता भी छोड़ दी है और अब वह ब्रिटिश नागरिक हैं। इस मामले में बैंक के पूर्व CEO Abhimanyu Bhoan को जनवरी 2026 में बॉम्बे हाई कोर्ट से जमानत मिली थी, जबकि मास्टरमाइंड Hitesh Mehta को फरवरी 2025 में गिरफ्तार किया गया था।
Frequently Asked Questions (FAQs)
New India Cooperative Bank में कुल कितने रुपये का घोटाला हुआ है?
मुंबई पुलिस की EOW की जांच के अनुसार, इस बैंक में कुल 122 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी हुई है, जिसमें प्रभादेवी शाखा से 112 करोड़ और गोरेगांव शाखा से 10 करोड़ रुपये गायब मिले हैं।
कोर्ट ने आरोपियों की वीडियो कॉल से पेशी की अर्जी क्यों खारिज की?
ACJM Abhijit Solapure ने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक कार्यवाही की शक्ति विवेकाधीन है और इसे आरोपियों की निजी इच्छा पूरी करने के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सकता, क्योंकि इससे ट्रायल की पवित्रता प्रभावित होगी।