Maharashtra: मुंबई की एक स्पेशल कोर्ट ने अंतरराष्ट्रीय मानव तस्करी और साइबर फ्रॉड मामले के आरोपी सुदर्शन दरडे की डिस्चार्ज याचिका को खारिज कर दिया है। दरडे पर एक ऐसी कंपनी का CEO होने का आरोप है जो युवाओं को विदेश में नौ
Maharashtra: मुंबई की एक स्पेशल कोर्ट ने अंतरराष्ट्रीय मानव तस्करी और साइबर फ्रॉड मामले के आरोपी सुदर्शन दरडे की डिस्चार्ज याचिका को खारिज कर दिया है। दरडे पर एक ऐसी कंपनी का CEO होने का आरोप है जो युवाओं को विदेश में नौकरी का लालच देकर फंसाती थी। कोर्ट ने माना कि आरोपी की संलिप्तता साबित करने के लिए पर्याप्त सबूत मौजूद हैं, इसलिए अब इस मामले में ट्रायल आगे बढ़ेगा।
क्या था पूरा मामला और कैसे फंसते थे युवा
इस गिरोह ने पढ़े-लिखे भारतीय युवाओं को थाईलैंड में नौकरी दिलाने का झांसा दिया था। युवाओं को टूरिस्ट वीजा पर लाओस (Laos) ले जाया गया, जहां उन्हें LongSheng Company नाम के एक फर्जी कॉल सेंटर में काम करने के लिए मजबूर किया गया। वहां उनसे दुनिया भर के लोगों को फर्जी क्रिप्टोकरेंसी निवेश के नाम पर ठगने को कहा जाता था। जो युवा यह काम नहीं करते थे, उन्हें भूखा रखा जाता था और उनके साथ मारपीट और इलेक्ट्रिक शॉक जैसी बर्बरता की जाती थी।
कोर्ट ने याचिका क्यों खारिज की और क्या थे सबूत
स्पेशल जज चकोर एस बाविस्कर ने अपने फैसले में कहा कि सुदर्शन दरडे की भूमिका सबूतों से साफ नजर आती है। कोर्ट ने गौर किया कि दरडे के पर्सनल Gmail अकाउंट पर कंपनी से जुड़े कई जरूरी ईमेल मिले हैं, जो उसकी सीधी भागीदारी की ओर इशारा करते हैं। NIA ने इस याचिका का कड़ा विरोध किया था। कोर्ट ने पाया कि प्रथम दृष्टया (Prima Facie) आरोपी के खिलाफ पर्याप्त सामग्री मौजूद है, जिससे उसे केस से बरी नहीं किया जा सकता।
केस से जुड़ी मुख्य जानकारियां
| विवरण |
जानकारी |
| मुख्य आरोपी |
Sudarshan Darade (कथित CEO) |
| जांच एजेंसी |
National Investigation Agency (NIA) |
| गिरफ्तारी का समय |
जून 2024 |
| फर्जी कंपनी |
LongSheng Company (लाओस) |
| अन्य आरोपी |
Jerry Jacob, Godfrey Alvares (जमानत खारिज) |
| फरार आरोपी |
Sunny Gonsalves, Niu Niu, Elvis Du |