Maharashtra: मुंबई की एक स्पेशल कोर्ट ने एक्ट्रेस Rhea Chakraborty, उनके भाई Showik और मां Sandhya के बैंक खातों को फिर से चालू करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने पाया कि Narcotics Control Bureau (NCB) ने खातों को फ्रीज करते
Maharashtra: मुंबई की एक स्पेशल कोर्ट ने एक्ट्रेस Rhea Chakraborty, उनके भाई Showik और मां Sandhya के बैंक खातों को फिर से चालू करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने पाया कि Narcotics Control Bureau (NCB) ने खातों को फ्रीज करते समय जरूरी कानूनी नियमों का पालन नहीं किया था। अब परिवार के सदस्य अपने बैंक खातों का इस्तेमाल कर सकेंगे।
NCB से कहां हुई गलती और कोर्ट ने क्या कहा?
स्पेशल जज U C Deshmukh ने अपने आदेश में बताया कि NCB ने NDPS एक्ट की धारा 68F के सब-सेक्शन (2) का पालन नहीं किया। नियम के मुताबिक, किसी भी संपत्ति या खाते को फ्रीज करने के आदेश के 30 दिनों के भीतर सक्षम अधिकारी से उसकी पुष्टि होना जरूरी है। कोर्ट में सुनवाई के दौरान NCB ने यह बात स्वीकार की कि उन्होंने इस नियम का पालन नहीं किया था, जिसके कारण फ्रीजिंग का आदेश void यानी अमान्य हो गया।
किनके खाते खुले और अब क्या होगा?
कोर्ट के इस फैसले के बाद अब निम्नलिखित लोगों के खाते फिर से चालू होंगे:
- Rhea Chakraborty: उनके पर्सनल सेविंग्स अकाउंट और एक प्राइवेट कंपनी से जुड़ा कॉर्पोरेट अकाउंट।
- Showik Chakraborty: रिया के भाई के बैंक खाते।
- Sandhya Chakraborty: रिया की मां के बैंक खाते।
कोर्ट ने साफ किया है कि अब खाताधारक RBI के नियमों और रेगुलेशन के हिसाब से अपने खातों को ऑपरेट कर सकते हैं। इस मामले में रिया और उनके परिवार की तरफ से वकील Ayaz Khan और Zehra Charania ने दलीलें पेश की थीं।
यह पूरा मामला क्या था?
बता दें कि यह मामला अभिनेता Sushant Singh Rajput की मौत के बाद शुरू हुई ड्रग्स जांच से जुड़ा है। सितंबर 2020 में NCB ने इस मामले में गिरफ्तारियों के बाद रिया और उनके परिवार के बैंक खातों को फ्रीज कर दिया था। तब से ये खाते बंद थे और अब कानूनी प्रक्रिया में कमी पाए जाने के कारण कोर्ट ने इन्हें खोलने का आदेश दिया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
रिया चक्रवर्ती के बैंक खाते कब फ्रीज हुए थे?
NCB ने सितंबर 2020 में सुशांत सिंह राजपूत मामले की जांच के दौरान रिया और उनके परिवार के बैंक खातों को फ्रीज किया था।
कोर्ट ने खाते खोलने का आदेश क्यों दिया?
कोर्ट ने पाया कि NCB ने NDPS एक्ट के तहत जरूरी समय सीमा (30 दिन) के भीतर फ्रीजिंग ऑर्डर की पुष्टि नहीं की थी, जो कि कानूनी रूप से अनिवार्य है।