Maharashtra: मुंबई की एक अदालत ने नशीले पदार्थों के निर्यात से जुड़े मामले में कस्टम्स ब्रोकर और इंपोर्टर को राहत दी है। यह मामला NDPS एक्ट के उल्लंघन का था, जिसमें कमर्शियल मात्रा में साइकोट्रोपिक पदार्थ विदेश भेजने की
Maharashtra: मुंबई की एक अदालत ने नशीले पदार्थों के निर्यात से जुड़े मामले में कस्टम्स ब्रोकर और इंपोर्टर को राहत दी है। यह मामला NDPS एक्ट के उल्लंघन का था, जिसमें कमर्शियल मात्रा में साइकोट्रोपिक पदार्थ विदेश भेजने की कोशिश की गई थी। कस्टम्स विभाग के लिए यह एक बड़ा झटका माना जा रहा है।
क्या था पूरा मामला और क्यों हुई गिरफ्तारी?
M/s Atharva Logistics ने 13 मई को M/s Medigen Pharma की तरफ से एक शिपमेंट फाइल किया था। 2 जून को जब कस्टम्स अधिकारियों ने इसकी जांच की, तो उसमें Chlordiazepoxide नाम की दवा मिली। यह पदार्थ NDPS एक्ट, 1985 के तहत प्रतिबंधित है और इसके निर्यात के लिए Narcotics Commissioner की अनुमति जरूरी होती है। जांच में पाया गया कि शिपमेंट में 10,000 टैबलेट थीं, जिनका कुल वजन 1,400 ग्राम था, जो कि तय सीमा 500 ग्राम से काफी ज्यादा था। इस मामले में M/s Medigen Pharma के प्रोपराइटर और Atharva Logistics के G-कार्ड होल्डर Milind Arjun Naik को गिरफ्तार किया गया था।
कोर्ट ने राहत देने का फैसला क्यों लिया?
अदालत में Milind Arjun Naik की तरफ से एडवोकेट Aditya Talpade पेश हुए। जांच के दौरान Milind ने स्वीकार किया था कि उन्होंने शिपमेंट की क्लीयरेंस और शिपिंग बिल तो फाइल किया, लेकिन यह चेक नहीं किया कि एक्सपोर्टर के पास Narcotics Commissioner का No Objection Certificate (NOC) है या नहीं। कोर्ट ने मामले के तथ्यों को देखते हुए आरोपियों को राहत प्रदान की। यह खेप सोमालिया भेजी जानी थी और इसे फार्मास्युटिकल कार्गो के अंदर छिपाकर भेजा जा रहा था।
NDPS एक्ट के तहत क्या हैं नियम?
NDPS Rules 1985 के नियम 53, 55 और 58 के मुताबिक, किसी भी नशीले पदार्थ या साइकोट्रोपिक ड्रग्स को बिना इंपोर्ट सर्टिफिकेट या एक्सपोर्ट ऑथराइजेशन के देश से बाहर नहीं भेजा जा सकता। इसके लिए नार्कोटिक्स कमिश्नर की पूर्व अनुमति अनिवार्य है। बिना अनुमति के कमर्शियल मात्रा में ऐसे पदार्थों का परिवहन करना गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
इस मामले में किस प्रतिबंधित पदार्थ की बरामदगी हुई थी?
इस मामले में Chlordiazepoxide नाम के साइकोट्रोपिक पदार्थ की बरामदगी हुई थी। इसकी कुल मात्रा 1,400 ग्राम थी, जबकि कानूनी सीमा 500 ग्राम तय है।
NDPS एक्ट के तहत निर्यात के लिए किसकी अनुमति जरूरी है?
NDPS Rules 1985 के अनुसार, किसी भी नार्कोटिक ड्रग या साइकोट्रोपिक पदार्थ के निर्यात के लिए Narcotics Commissioner से लिखित अनुमति या एक्सपोर्ट ऑथराइजेशन लेना अनिवार्य है।