Mumbai में 65 करोड़ के मिठी नदी घोटाले में बिजनेसमैन लोकेश जैन को मिली अग्रिम जमानत
Maharashtra: मुंबई की एक अदालत ने मिठी नदी की सफाई (desilting) से जुड़े 65 करोड़ रुपये के घोटाले में बिजनेसमैन लोकेश जैन को अग्रिम जमानत दे दी है। कोर्ट ने माना कि इस मामले में आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ करने की जरू
Maharashtra: मुंबई की एक अदालत ने मिठी नदी की सफाई (desilting) से जुड़े 65 करोड़ रुपये के घोटाले में बिजनेसमैन लोकेश जैन को अग्रिम जमानत दे दी है। कोर्ट ने माना कि इस मामले में आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ करने की जरूरत नहीं है।
मुंबई सेशन कोर्ट के एडिशनल जज एनजी शुक्ला ने यह फैसला सुनाया। कोर्ट ने पाया कि लोकेश जैन का कॉन्ट्रैक्ट 2023 से 2025 के बीच का था, जबकि इस घोटाले की साजिश साल 2020 में शुरू हुई थी। इस आधार पर जज ने कहा कि जैन की शुरुआती साजिश में कोई भूमिका नहीं दिखती। साथ ही यह भी देखा गया कि मई 2025 में एफआईआर दर्ज होने के बाद से पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार नहीं किया और उन्होंने जांच में पूरा सहयोग किया है।
इस मामले में इकोनॉमिक ऑफेंस विंग (EOW) का आरोप है कि ठेकेदारों ने बीएमसी (BMC) को फर्जी दस्तावेज, गलत एमओयू (MoU) और जाली आधार कार्ड दिए, जिससे नगर निगम को करीब 65 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। EOW के मुताबिक, लोकेश जैन की फर्म ‘भूमिका ट्रांसपोर्ट’ ने फर्जी कागजात जमा करके बीएमसी से 24.49 करोड़ रुपये लिए। आरोप यह भी है कि उन्होंने मशीनों के लिए एक ऐसी कंपनी के साथ फर्जी समझौता किया, जिसके पास वे मशीनें थीं ही नहीं।
वहीं, लोकेश जैन के वकीलों ने दलील दी कि टेंडर की शर्तों के मुताबिक मशीनें किराए पर ली जा सकती थीं। उन्होंने कहा कि मशीनों का इस्तेमाल सफाई के काम में हुआ था, जिसकी जांच बीएमसी अधिकारियों ने समय-समय पर की थी और काम पूरा होने का सर्टिफिकेट भी जारी किया था।