Mumbai में 2 करोड़ के निवेश घोटाले में महिला बरी, कोर्ट ने कहा सबूतों की कमी और शिकायतकर्ता नहीं आई गवाही देने
Maharashtra : मुंबई की एक अदालत ने दो दशक पुराने निवेश घोटाले के मामले में एक महिला को बरी कर दिया है। यह मामला साल 2007 का है जिसमें करीब 2 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का आरोप था। कोर्ट ने पाया कि सरकारी पक्ष आरोपी के खिलाफ
Maharashtra : मुंबई की एक अदालत ने दो दशक पुराने निवेश घोटाले के मामले में एक महिला को बरी कर दिया है। यह मामला साल 2007 का है जिसमें करीब 2 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का आरोप था। कोर्ट ने पाया कि सरकारी पक्ष आरोपी के खिलाफ पुख्ता सबूत पेश करने में नाकाम रहा।
अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट एस.के. फोकमारे की 19वीं अदालत ने यह फैसला सुनाया। कोर्ट ने बताया कि इस केस में सबसे बड़ी कमी यह रही कि मुख्य शिकायतकर्ता आशिया लसनवाला कभी गवाही देने नहीं आईं। इसी वजह से आरोपी मेहराज कुरैशी के खिलाफ धोखाधड़ी के आरोप साबित नहीं हो सके।
इस मामले में मेहराज कुरैशी पर आरोप था कि उन्होंने Sunshine Beauty Parlour चलाते हुए लोगों को मुख्य आरोपी परवीन ताहिर मर्चेंट से मिलवाया था। परवीन मर्चेंट ने टेक्सटाइल इंपोर्ट बिजनेस के नाम पर 30 से ज्यादा लोगों से करीब 2 करोड़ रुपये जमा कराए थे। मेहराज कुरैशी के वकील अफ़ताफ़ कुरैशी ने दलील दी कि गवाहों ने पैसा सिर्फ मुख्य आरोपी परवीन को दिया था, मेहराज को नहीं।
केस की मुख्य बातें नीचे दी गई हैं:
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| मुख्य आरोपी | परवीन ताहिर मर्चेंट (फरार) |
| बरी हुई आरोपी | मेहराज कुरैशी |
| घोटाले की राशि | लगभग 2 करोड़ रुपये |
| कुल पीड़ित | 30 से ज्यादा निवेशक |
| लगाए गए सेक्शन | IPC 406, 420 और 34 |
| कोर्ट का फैसला | सबूतों के अभाव में बरी |
अदालत ने यह भी साफ किया कि मेहराज कुरैशी की मंशा शुरू से ही धोखाधड़ी करने की थी, इसे साबित करने के लिए पर्याप्त सबूत नहीं मिले। हालांकि, मुख्य आरोपी परवीन ताहिर मर्चेंट अभी भी फरार हैं और उनके खिलाफ कानूनी कार्यवाही जारी है। कोर्ट ने पुलिस और सरकारी पक्ष को निर्देश दिया है कि वे परवीन मर्चेंट को जल्द से जल्द कोर्ट में पेश करें।