Maharashtra: मुंबई के अलग-अलग इलाकों में निर्माणाधीन इमारतों और प्रोजेक्ट्स पर काम कर रहे मजदूरों की जान जा रही है। हाल ही में Goregaon West में एक 29 साल का मजदूर 18वीं मंजिल से गिरकर मारा गया। पुलिस ने इस मामले में ठेक
Maharashtra: मुंबई के अलग-अलग इलाकों में निर्माणाधीन इमारतों और प्रोजेक्ट्स पर काम कर रहे मजदूरों की जान जा रही है। हाल ही में Goregaon West में एक 29 साल का मजदूर 18वीं मंजिल से गिरकर मारा गया। पुलिस ने इस मामले में ठेकेदार और डेवलपर के खिलाफ केस दर्ज किया है क्योंकि वहां सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं थे।
मुंबई के अलग-अलग इलाकों में हुए हादसे
पिछले कुछ समय में मुंबई के कई निर्माण स्थलों पर गंभीर हादसे हुए हैं। Malad (West) में 20वीं मंजिल से गिरने से 30 साल के मनोज घुरु गुप्ता की मौत हो गई, जबकि Bhandup (West) में एक गड्ढे में गिरने से भालचंद्र गणेश पाले की जान चली गई और 8 लोग घायल हुए। इसके अलावा Sion-Panvel Highway पर एक मशीन गिरने से पुलिस कॉन्स्टेबल संतोष चव्हाण की मौत हो गई।
सुरक्षा नियमों की अनदेखी और कानूनी कार्रवाई
प्रशासन ने लापरवाही बरतने वाली कंपनियों पर सख्त कार्रवाई शुरू की है। Sewri-Worli Elevated Connector प्रोजेक्ट पर एक 19 साल के मजदूर की मौत के बाद MMRDA ने J Kumar Infraprojects पर 1 करोड़ रुपये और Assystem STUP पर 25 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। पुलिस ने इन मामलों में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 106 के तहत लापरवाही का मामला दर्ज किया है।
सरकार के नए सुरक्षा नियम क्या हैं
महाराष्ट्र सरकार ने अगस्त 2025 में नए नियम जारी किए थे। इसके तहत 120 मीटर से ऊंची इमारतों के लिए फुल-टाइम सेफ्टी टीम रखना जरूरी है। इमारतों के चारों तरफ कम से कम 6 मीटर चौड़े सेफ्टी नेट लगाने का आदेश दिया गया है। BMC अब प्रोफेशनल सेफ्टी ऑफिसर लाइसेंसिंग सिस्टम भी लागू कर रही है ताकि हर साइट पर सर्टिफाइड टीम मौजूद रहे और रोजाना सुरक्षा जांच हो सके।
Frequently Asked Questions (FAQs)
मुंबई में निर्माण स्थलों पर सुरक्षा के लिए क्या नए नियम आए हैं?
महाराष्ट्र सरकार ने 120 मीटर से ऊंची इमारतों के लिए अनिवार्य सेफ्टी टीम और कम से कम 6 मीटर चौड़े सेफ्टी नेट लगाने के नियम बनाए हैं। BMC अब सर्टिफाइड सेफ्टी ऑफिसर्स की नियुक्ति भी अनिवार्य कर रही है।
लापरवाही बरतने वाले ठेकेदारों पर क्या कार्रवाई हो रही है?
पुलिस ने कई मामलों में BNS की धारा 106 के तहत FIR दर्ज की है। साथ ही MMRDA ने लापरवाही बरतने वाली फर्मों पर 1 करोड़ रुपये तक का भारी जुर्माना भी लगाया है।