Maharashtra: मुंबई की एक कंपनी साइबर ठगों के जाल में फंस गई, जिससे उन्हें 32 लाख रुपये का भारी नुकसान हुआ। ठगों ने थाईलैंड की एक केमिकल सप्लाई करने वाली कंपनी का रूप धरा और फर्जी ईमेल के जरिए पैसे ट्रांसफर करवा लिए। यह प
Maharashtra: मुंबई की एक कंपनी साइबर ठगों के जाल में फंस गई, जिससे उन्हें 32 लाख रुपये का भारी नुकसान हुआ। ठगों ने थाईलैंड की एक केमिकल सप्लाई करने वाली कंपनी का रूप धरा और फर्जी ईमेल के जरिए पैसे ट्रांसफर करवा लिए। यह पूरा मामला तब सामने आया जब कंपनी को एहसास हुआ कि उनका पैसा गलत जगह गया है।
कैसे हुआ यह पूरा घोटाला
मुंबई की इस कंपनी ने 17 मार्च को 24,000 किलो इंडस्ट्रियल केमिकल का ऑर्डर दिया था। जालसाजों ने असली सप्लायर के ईमेल आईडी से मिलता-जुलता एक फर्जी ईमेल बनाया और कंपनी को मैसेज भेजे। उन्होंने जाली इनवॉइस और बैंक डिटेल्स भेजकर कंपनी को भरोसा दिलाया कि वे ही असली सप्लायर हैं। कंपनी ने बिना शक किए दो बार में पैसे ट्रांसफर कर दिए।
कितने समय तक चला यह फ्रॉड
यह धोखाधड़ी करीब 22 दिनों तक चलती रही और कंपनी को इसकी भनक तक नहीं लगी। ठगों ने बहुत चालाकी से बैंक अकाउंट की जानकारी बदली थी। जांच में पता चला कि ठगी की गई पूरी रकम दुबई के एक बैंक अकाउंट में भेजी गई। फिलहाल साइबर पुलिस इस मामले की जांच कर रही है ताकि आरोपियों तक पहुंचा जा सके।
Frequently Asked Questions (FAQs)
ठगों ने कंपनी को धोखा देने के लिए क्या तरीका अपनाया?
ठगों ने थाईलैंड की एक फर्म के नाम से लगभग एक जैसा दिखने वाला फर्जी ईमेल आईडी बनाया और जाली बिल (Invoices) भेजकर कंपनी से पैसे वसूल किए।
धोखाधड़ी की रकम कहाँ भेजी गई?
साइबर पुलिस की जांच के अनुसार, मुंबई की कंपनी से ठगे गए 32 लाख रुपये दुबई के एक बैंक अकाउंट में ट्रांसफर किए गए।