Maharashtra: मुंबई की जानी-मानी शास्त्रीय गायिका, शिक्षिका और एक्टिविस्ट Neela Bhagwat अब हमारे बीच नहीं रहीं। 14 अप्रैल 2026 को 83 वर्ष की आयु में उनका निधन हो गया। वह लंबे समय से ‘इडियोपैथिक पल्मोनरी फाइब्रोसिस&#
Maharashtra: मुंबई की जानी-मानी शास्त्रीय गायिका, शिक्षिका और एक्टिविस्ट Neela Bhagwat अब हमारे बीच नहीं रहीं। 14 अप्रैल 2026 को 83 वर्ष की आयु में उनका निधन हो गया। वह लंबे समय से ‘इडियोपैथिक पल्मोनरी फाइब्रोसिस’ नाम की बीमारी से जूझ रही थीं। संगीत की दुनिया में उन्होंने शास्त्रीय परंपराओं को आम लोगों तक पहुँचाने के लिए काफी काम किया था।
Neela Bhagwat का संगीत सफर और उपलब्धियां क्या रहीं
Neela Bhagwat ने संगीत की शिक्षा ग्वालियर घराने के पंडित शरतचंद्र अरोलकर और पंडित जल बलपोरिया से ली थी। इससे पहले उन्होंने जयपुर घराने के पंडित गणपतराव तिलक से भी सीखा था। वह सिर्फ एक गायिका ही नहीं, बल्कि एक विद्वान भी थीं। उन्होंने SNDT यूनिवर्सिटी में संगीत के समाजशास्त्र और बॉम्बे यूनिवर्सिटी में संगीत के इतिहास को पढ़ाया।
संगीत को आम बनाने के लिए क्या कदम उठाए
वह मानती थीं कि शास्त्रीय संगीत सिर्फ कुछ खास लोगों तक सीमित नहीं रहना चाहिए। इसी सोच के साथ उन्होंने कई महत्वपूर्ण काम किए:
- साल 2015 में उन्होंने ग्वालियर घराने की बंदिशों के चार वॉल्यूम Wikimedia Commons को दान किए ताकि संगीत की गुप्त परंपराएं सबके लिए खुल सकें।
- उन्होंने कबीर, मीरा और मराठी संत कवियों की रचनाओं को अपने गायन में शामिल किया।
- कुमार शाहनी की फिल्म ‘Khayal Gatha’ और आनंद पाथवर्धन की डॉक्यूमेंट्री ‘Raam ke Naam’ के लिए उन्होंने संगीत दिया और गाया।
उनके जीवन से जुड़ी अन्य खास बातें
| विवरण |
जानकारी |
| जन्म तिथि |
29 या 30 नवंबर 1942 |
| निधन तिथि |
14 अप्रैल 2026 |
| मुख्य घराना |
ग्वालियर घराना |
| जीवनसाथी |
अमरेन्द्र धनेश्वर (गायक और लेखक) |
| संस्था |
Khayal Trust (अमरेन्द्र धनेश्वर के साथ संचालित) |
संगीत समीक्षक सुअंशु खुराना और लेखक ईशान शर्मा ने उन्हें एक ऐसी कलाकार के रूप में याद किया है जिन्होंने संगीत के साथ-साथ नारीवाद और मार्क्सवादी विचारधाराओं को भी अपनाया। वह एक ऐसी आवाज़ थीं जिन्होंने कभी किसी एक पहचान में बंधना स्वीकार नहीं किया और संगीत को लोकतांत्रिक बनाने की कोशिश की।