Mumbai के शिवाजी पार्क में CJP की जीत की रैली, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद जुटे हजारों छात्र

Maharashtra: मुंबई के दादर स्थित शिवाजी पार्क में रविवार को एक बड़ी जीत की रैली आयोजित की गई। यह आयोजन Cockroach Janta Party (CJP) के आंदोलन की सफलता और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद किया गया।

Maharashtra: मुंबई के दादर स्थित शिवाजी पार्क में रविवार को एक बड़ी जीत की रैली आयोजित की गई। यह आयोजन Cockroach Janta Party (CJP) के आंदोलन की सफलता और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद किया गया। इस रैली को शिवसेना (UBT) और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) ने मिलकर आयोजित किया था, जिसमें बड़ी संख्या में छात्र, अभिभावक और पेशेवर लोग शामिल हुए।

रैली में Gen Z युवाओं का जबरदस्त जोश देखने को मिला। लोग हाथों में तिरंगा लिए थे और लाउडस्पीकर पर बज रहे बॉलीवुड गानों पर झूम रहे थे। इस भीड़ में 3 साल का बच्चा शर्विल मोरे भी अपने पिता राजेश मोरे के साथ तख्ती लेकर पहुंचा। रैली में पार्टी झंडों के बजाय तिरंगे को प्राथमिकता दी गई थी।

शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने इस छात्र आंदोलन की तारीफ करते हुए कहा कि युवाओं ने भारत के इतिहास में एक सुनहरा अध्याय लिखा है। उन्होंने मांग की कि छात्रों पर दर्ज केस वापस लिए जाएं और पुलिस की सख्ती की जवाबदेही तय हो। वहीं MNS अध्यक्ष राज ठाकरे ने कहा कि Gen Z ने सरकार को उसकी गलती का एहसास कराया है और इस जीत से सरकार जमीन पर वापस आई है। उन्होंने रैली के दौरान मुंबई पुलिस का शुक्रिया भी अदा किया।

इस पूरे विवाद की शुरुआत शिक्षा व्यवस्था और NEET पेपर लीक जैसे मुद्दों से हुई थी, जिसके खिलाफ CJP ने 36 दिनों तक आंदोलन चलाया। CJP के संस्थापक अभिजीत डिपके ने बताया कि सरकार ने उनकी सभी मांगें मान ली हैं, जिसमें छात्रों को मुआवजा देना और FIR वापस लेना शामिल है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की जीत हुई है और उन्हें मंगलवार तक सरकार से लिखित गारंटी मिलने की उम्मीद है।

दूसरी ओर, पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि उनका इस्तीफा व्यक्तिगत प्रतिष्ठा का मामला नहीं था, बल्कि उन्होंने इसे देशहित में लिया ताकि माहौल खराब न हो। अब प्रल्हाद जोशी ने नए केंद्रीय शिक्षा मंत्री के रूप में कार्यभार संभाल लिया है। रैली में शामिल छात्रों और संगठनों ने मांग की कि शिक्षा प्रणाली में पूरी तरह बदलाव किया जाए ताकि भविष्य में ऐसी गड़बड़ियां न हों।