NEET पेपर लीक मामला: Mumbai में नागरिक समूहों ने पुलिस कार्रवाई को बताया गलत, SC ने दिए जांच के आदेश

Maharashtra: NEET पेपर लीक के बाद हुए विरोध प्रदर्शनों को लेकर मुंबई में नागरिक समाज के समूहों, कानूनी जानकारों और मीडिया प्रोफेशनल्स ने सरकार और पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। इन समूहों ने मांग की है कि प्रदर्शनका

Maharashtra: NEET पेपर लीक के बाद हुए विरोध प्रदर्शनों को लेकर मुंबई में नागरिक समाज के समूहों, कानूनी जानकारों और मीडिया प्रोफेशनल्स ने सरकार और पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। इन समूहों ने मांग की है कि प्रदर्शनकारियों के साथ हुई बर्बरता के लिए प्रशासन और कानून लागू करने वाली एजेंसियों की जवाबदेही तय की जाए।

मुंबई में ‘यूनाइटेड अगेंस्ट इंजस्टिस एंड डिस्क्रिमिनेशन’ और ‘बॉम्बे कैथोलिक सभा’ जैसे संगठनों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दिल्ली के जंतर मंतर पर पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई की निंदा की। उन्होंने सोशल मीडिया पर पाबंदियों और प्रदर्शनकारियों के पासपोर्ट रद्द करने की धमकियों पर चिंता जताई। वरिष्ठ वकील कॉलिन गोंसाल्वेस ने दलील दी कि पुलिस की इस कार्रवाई के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की जवाबदेही होनी चाहिए।

इस बीच महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने गृह विभाग को निर्देश दिए हैं कि Cockroach Janta Party (CJP) के नेतृत्व में प्रदर्शन करने वाले छात्रों पर दर्ज मामले वापस लिए जाएं। मुंबई पुलिस ने भी यह साफ किया है कि 26 जुलाई के बाद से उन्होंने CJP केस के आरोपियों को नोटिस भेजना बंद कर दिया है।

दूसरी तरफ सुप्रीम कोर्ट ने इस पूरे मामले में कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ पुलिस की ज्यादतियों की स्वतंत्र जांच के आदेश दिए हैं। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कानून हाथ में लेने वालों पर कार्रवाई होनी चाहिए और सभी नाबालिगों को तुरंत रिहा करने का निर्देश दिया। साथ ही कोर्ट ने पुलिस को निर्देश दिया कि जिन छात्रों का कोई पुराना आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है, उनके खिलाफ कोई सख्त कदम न उठाया जाए।

CJP के प्रवक्ता आशुतोष रंका ने कहा कि केंद्र सरकार ने शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर केस वापस लेने का भरोसा दिया था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के अंतरिम आदेश में मौजूदा FIR की जांच जारी रखने की बात कही गई है, जो विरोधाभासी है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर हिरासत में लिए गए लोगों को रिहा नहीं किया गया, तो विरोध प्रदर्शन फिर से शुरू होंगे।