Maharashtra: मुंबई के चर्चगेट स्टेशन पर यात्रियों के लिए एक अनोखी पहल ‘Library Junction’ की शुरुआत की गई है। इसका उद्घाटन शुक्रवार, 5 जून 2026 को विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर किया गया। इस लाइब्रेरी का मकसद
Maharashtra: मुंबई के चर्चगेट स्टेशन पर यात्रियों के लिए एक अनोखी पहल ‘Library Junction’ की शुरुआत की गई है। इसका उद्घाटन शुक्रवार, 5 जून 2026 को विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर किया गया। इस लाइब्रेरी का मकसद ट्रेन से सफर करने वाले लोगों में पढ़ने की आदत को बढ़ावा देना और उन्हें समुदाय से जोड़ना है।
लाइब्रेरी की खास बातें और नियम क्या हैं?
इस लाइब्रेरी का उद्घाटन दक्षिण अफ्रीका के पूर्व क्रिकेटर AB de Villiers ने किया। यहाँ फिलहाल अलग-अलग विषयों की करीब 1,200 किताबें मौजूद हैं, जो आम नागरिकों, स्कूलों और कम्युनिटी ग्रुप्स द्वारा दान की गई हैं। यात्रियों के लिए यहाँ कुछ आसान नियम बनाए गए हैं:
- किताबें उधार ली जा सकती हैं, जिन्हें दो हफ्ते के अंदर वापस करना होगा।
- लाइब्रेरियन की सुविधा सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक उपलब्ध रहेगी।
- यह लाइब्रेरी चर्चगेट स्टेशन के साउथ कॉनकोर्स एरिया में बनाई गई है।
पर्यावरण और सहयोग का संगम
वेस्टर्न रेलवे के CPRO विनीत अभिषेक ने बताया कि इस लाइब्रेरी को ‘Project Mumbai’ के ‘Plastic Recyclathon’ अभियान के दौरान इकट्ठा किए गए रिसाइकल प्लास्टिक से बनाया गया है। इस प्रोजेक्ट में वेस्टर्न रेलवे के मुंबई सेंट्रल डिवीजन और सोशल पार्टनर के तौर पर L&T Ltd ने साथ दिया है। उद्घाटन के समय डिविजनल रेलवे मैनेजर पंकज सिंह भी मौजूद थे। प्रोजेक्ट मुंबई अब शहर के अन्य हिस्सों में भी ऐसी रीडिंग स्पेस बनाने की योजना बना रहा है।
| विवरण |
जानकारी |
| पहल का नाम |
Library Junction (Read Mumbai) |
| स्थान |
चर्चगेट स्टेशन, मुंबई |
| कुल किताबें |
लगभग 1,200 |
| समय |
सुबह 8 AM से रात 8 PM |
| मुख्य पार्टनर |
Project Mumbai, Western Railway, L&T Ltd |
Frequently Asked Questions (FAQs)
चर्चगेट स्टेशन की लाइब्रेरी से किताबें कैसे ले सकते हैं?
यात्री यहाँ से किताबें उधार ले सकते हैं, लेकिन उन्हें 2 हफ्ते के भीतर वापस करना होगा। सहायता के लिए सुबह 8 से रात 8 बजे तक लाइब्रेरियन मौजूद रहते हैं।
इस लाइब्रेरी को बनाने में पर्यावरण का ध्यान कैसे रखा गया?
इस लाइब्रेरी का निर्माण Project Mumbai के ‘Plastic Recyclathon’ अभियान से जमा किए गए रिसाइकल प्लास्टिक का उपयोग करके किया गया है।