Maharashtra: मुंबई में पिछले कुछ दिनों से ईसाई समुदाय के पवित्र स्थलों और प्रतीकों को निशाना बनाया जा रहा है। Worli और Andheri जैसे इलाकों में हुई तोड़फोड़ की घटनाओं ने शहर की शांति और आपसी भाईचारे पर सवाल खड़े कर दिए है
Maharashtra: मुंबई में पिछले कुछ दिनों से ईसाई समुदाय के पवित्र स्थलों और प्रतीकों को निशाना बनाया जा रहा है। Worli और Andheri जैसे इलाकों में हुई तोड़फोड़ की घटनाओं ने शहर की शांति और आपसी भाईचारे पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस मामले को लेकर अब ईसाई समुदाय के लोग न्याय की मांग कर रहे हैं और पुलिस से कड़ी कार्रवाई की अपील की है।
Worli और Andheri में क्या हुआ?
7 जून 2026 को मुंबई के Worli इलाके में गोपाल नगर स्थित ईसा मसीह की एक मूर्ति को नुकसान पहुँचाया गया। यह घटना शाम 7 से 8 बजे के बीच हुई, जिससे स्थानीय लोग और चर्च के सदस्य काफी दुखी हैं। इससे पहले मई के महीने में Andheri East के SEEPZ इलाके में सेंट जॉन द बैपटिस्ट चर्च के पास एक रोडसाइड क्रॉस के साथ दो बार तोड़फोड़ की गई थी।
चर्च और संगठनों ने क्या कहा?
Archdiocese of Bombay ने इन घटनाओं की कड़ी निंदा की है। प्रवक्ता Father Nigel Barrett ने कहा कि यह सिर्फ शरारत नहीं बल्कि पूरे समुदाय की धार्मिक भावनाओं पर हमला है। Watchdog Foundation के ट्रस्टी Nicholas Almeida और वकील Godfrey Pimenta ने मुंबई पुलिस कमिश्नर और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री को शिकायत भेजी है। उन्होंने मांग की है कि दोषियों के खिलाफ FIR दर्ज कर उन्हें जल्द पकड़ा जाए।
मामले की वर्तमान स्थिति क्या है?
Catholic समुदाय के नेताओं ने Andheri वाली घटना की CID जांच की मांग की है। Association of Concerned Christians के सचिव Melwyn Fernandes ने इसे एक सोची-समझी साजिश बताया है। फिलहाल पुलिस को शिकायतें सौंपी जा चुकी हैं और समुदाय के लोग इस बात पर जोर दे रहे हैं कि मुंबई की मिली-जुली संस्कृति को बचाए रखना जरूरी है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
मुंबई में तोड़फोड़ की घटनाएं कहां-कहां हुई हैं?
मुख्य रूप से Worli के गोपाल नगर में ईसा मसीह की मूर्ति और Andheri East के SEEPZ इलाके में रोडसाइड क्रॉस के साथ तोड़फोड़ की गई है।
ईसाई समुदाय ने प्रशासन से क्या मांग की है?
Watchdog Foundation और Archdiocese of Bombay ने दोषियों की पहचान कर उन पर कानूनी कार्रवाई करने और Andheri मामले की CID जांच कराने की मांग की है।