Maharashtra: मुंबई के चारकोप इलाके में सरकारी औद्योगिक जमीन पर अवैध कब्जे का मामला सामने आया है। एक पर्यावरण कार्यकर्ता की शिकायत के बाद Maharashtra Coastal Zone Management Authority (MCZMA) ने राज्य सरकार को इस जमीन को
Maharashtra: मुंबई के चारकोप इलाके में सरकारी औद्योगिक जमीन पर अवैध कब्जे का मामला सामने आया है। एक पर्यावरण कार्यकर्ता की शिकायत के बाद Maharashtra Coastal Zone Management Authority (MCZMA) ने राज्य सरकार को इस जमीन को बचाने के निर्देश दिए हैं। करीब 116 एकड़ सरकारी जमीन खतरे में है, जिसे बचाने के लिए अब प्रशासन अलर्ट मोड पर है।
चारकोप जमीन विवाद में क्या है पूरा मामला?
मुंबई के कांदिवली इंडस्ट्रियल एस्टेट में 1961 से औद्योगिक काम के लिए जमीन तय की गई थी। लेकिन पिछले कुछ समय से यहाँ बड़े पैमाने पर नियमों का उल्लंघन हो रहा है। औद्योगिक जमीन का इस्तेमाल अब कमर्शियल कामों के लिए किया जा रहा है। यहाँ अवैध रूप से बार, रेस्टोरेंट, जिम, लॉज और शोरूम खोल लिए गए हैं, जो कि पूरी तरह गैरकानूनी है।
प्रशासन और कोर्ट की क्या है कार्रवाई?
मुंबई Suburban Collector ने इस पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। उन्होंने नगर निगम के अधिकारियों और पुलिस को निर्देश दिए हैं कि अवैध निर्माण और गलत इस्तेमाल के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएं। हालांकि, इस मामले में एक कानूनी पेंच भी फंसा है। एस्टेट एसोसिएशन ने पहले सरकार द्वारा जमीन वापस लेने के आदेशों पर कोर्ट से स्टे (Stay) ले लिया है, जिससे कार्रवाई में देरी हो रही है।
MCZMA और CRZ नियमों का क्या असर होगा?
- MCZMA ने 116 एकड़ सरकारी जमीन को अतिक्रमण से बचाने के लिए निर्देश जारी किए हैं।
- Coastal Regulation Zone (CRZ) Notification 2019 के तहत तटीय क्षेत्रों के विकास और जमीन के इस्तेमाल की निगरानी की जाती है।
- 17 अप्रैल 2026 को MCZMA की 196वीं बैठक हुई, जिसमें तटीय प्रबंधन योजनाओं (CZMP) की समीक्षा की गई।
- प्रशासन अब यह देख रहा है कि औद्योगिक नियमों और CRZ नियमों का पालन हो रहा है या नहीं।