Maharashtra: मुंबई के वाडी बंडर इलाके में Central Railway ने एक बड़ा अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया है। कोर्ट के आदेश के बाद रेलवे ने बी डी चॉल के पास स्थित 45 अवैध झोपड़ियों और एक दो मंजिला इमारत को गिरा दिया। यह पूरी कार्र
Maharashtra: मुंबई के वाडी बंडर इलाके में Central Railway ने एक बड़ा अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया है। कोर्ट के आदेश के बाद रेलवे ने बी डी चॉल के पास स्थित 45 अवैध झोपड़ियों और एक दो मंजिला इमारत को गिरा दिया। यह पूरी कार्रवाई वंदे भारत ट्रेनों के रखरखाव के लिए बनाए जाने वाले नए डिपो के काम को तेज करने के लिए की गई है।
अतिक्रमण हटाओ अभियान में क्या हुआ
यह कार्रवाई 30 अप्रैल 2026 को हेंकॉक ब्रिज के पास वाडी बंडर यार्ड में की गई। इस ऑपरेशन में रेलवे के इंजीनियरिंग विंग, RPF और सिटी पुलिस के करीब 60 जवान तैनात थे। जमीन खाली कराने के लिए तीन अर्थमूवर्स मशीनों का इस्तेमाल किया गया ताकि काम जल्दी पूरा हो सके। सुरक्षा के कड़े इंतजामों की वजह से इस पूरी प्रक्रिया के दौरान कोई हंगामा या कानून-व्यवस्था की समस्या नहीं हुई।
वंदे भारत डिपो की क्या है खासियत
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, इस जमीन पर वंदे भारत ट्रेनों के लिए एक आधुनिक मेंटेनेंस डिपो बनाया जाएगा। इस प्रोजेक्ट की मुख्य बातें नीचे दी गई हैं:
| सुविधा |
विवरण |
| कवर्ड शेड का साइज |
लगभग 400 मीटर लंबा और 36 मीटर चौड़ा |
| छत का डिजाइन |
पॉलीकार्बोनेट रूफिंग और सोलर ट्यूब्स का इस्तेमाल |
| एनर्जी सिस्टम |
बिजली बचाने के लिए रूफ वेंटिलेटर्स लगाए जाएंगे |
| IOH शेड |
मौजूदा शेड को करीब 70 मीटर और बढ़ाया जाएगा |
कोर्ट का आदेश और कानूनी प्रक्रिया
Central Railway ने यह कदम कोर्ट के निर्देशों का पालन करते हुए उठाया है। सुप्रीम कोर्ट ने 1 अक्टूबर 2024 को यह साफ किया था कि रेलवे लाइनों, फुटपाथ या सार्वजनिक सड़कों पर किए गए अवैध निर्माण को कोई कानूनी सुरक्षा नहीं मिलेगी। रेलवे ने इस कार्रवाई से पहले सभी कानूनी प्रक्रियाओं को पूरा किया था ताकि वंदे भारत प्रोजेक्ट के काम में कोई रुकावट न आए।
Frequently Asked Questions (FAQs)
रेलवे ने झोपड़ियां क्यों हटाईं?
मुंबई के वाडी बंडर में वंदे भारत ट्रेनों के रखरखाव के लिए एक नया आधुनिक डिपो बनाया जाना है, जिसके लिए कोर्ट के आदेश पर जमीन खाली कराई गई।
इस अभियान में कौन-कौन शामिल था?
इस कार्रवाई में Central Railway का इंजीनियरिंग विंग, रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और मुंबई सिटी पुलिस के करीब 60 कर्मचारी शामिल थे।