Maharashtra: मुंबई के अंधेरी इलाके के एक बिजनेसमैन Ayush Nakra (41) के साथ एक अंतरराज्यीय गैंग ने धोखाधड़ी और जबरन वसूली की बड़ी वारदात को अंजाम दिया है। आरोपियों ने निवेश के नाम पर पहले पैसे लिए और फिर रकम वापस मांगने प
Maharashtra: मुंबई के अंधेरी इलाके के एक बिजनेसमैन Ayush Nakra (41) के साथ एक अंतरराज्यीय गैंग ने धोखाधड़ी और जबरन वसूली की बड़ी वारदात को अंजाम दिया है। आरोपियों ने निवेश के नाम पर पहले पैसे लिए और फिर रकम वापस मांगने पर बिजनेसमैन और उनके मैनेजर को होटल में बुलाकर बेरहमी से पीटा। इस पूरे मामले में करीब 3.25 करोड़ रुपये की ठगी हुई है।
ठगी और जबरन वसूली का पूरा मामला क्या है?
जुलाई 2025 में गैंग ने Ayush Nakra को ‘Arkship Group’ नाम की कंपनी में निवेश करने का लालच दिया। भरोसा करके उन्होंने 22 अगस्त 2025 को 1 करोड़ रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर किए। जब बिजनेसमैन ने पैसों के हेरफेर पर सवाल उठाए, तो उन्हें और उनके जनरल मैनेजर Pankaj Rawat को विले पारले के एक होटल में बुलाया गया। वहां आरोपियों ने उन्हें बंदूक की नोक पर डराया, मारपीट की और 3 करोड़ रुपये की फिरौती मांगी, जिसके दबाव में आकर पीड़ित ने 2.25 करोड़ रुपये और ट्रांसफर कर दिए।
कौन हैं इस गैंग के सदस्य और कहां भेजे गए पैसे?
पुलिस के मुताबिक यह गैंग 9 से 10 सदस्यों का है, जिसमें मुंबई के अलावा बिहार, झारखंड और ओडिशा के लोग शामिल हैं। इस गैंग में दो महिलाएं भी हैं। ठगी के लिए फर्जी NGO का इस्तेमाल किया गया।
| नाम/संस्था |
विवरण/भूमिका |
| मुख्य आरोपी |
Laxminarayan Agrawal, Devkumar Rai, Sushilkumar Yadav, Chetan Sanghvi, Ramshishkumar Gupta, Umeshkumar Suman, Sakshi Kumari, Swati और Goyal |
| Arkship Group |
वह कंपनी जिसके नाम पर निवेश का लालच दिया गया |
| Manav Dharmayog |
NGO जहाँ पहला 1 करोड़ रुपया भेजा गया |
| Nai Jeevan Jyoti Foundation |
NGO जहाँ फिरौती के 2.25 करोड़ रुपये भेजे गए |
अब पुलिस और क्राइम ब्रांच क्या कार्रवाई कर रही है?
विले पारले पुलिस स्टेशन में 18 अप्रैल 2026 को FIR दर्ज की गई, जिसके बाद अब यह केस Mumbai Crime Branch को सौंप दिया गया है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है, जिसमें धोखाधड़ी, विश्वासघात, जबरन वसूली और जान से मारने की धमकी देना शामिल है। क्राइम ब्रांच अब उन बैंक खातों और NGO की जांच कर रही है, ताकि यह पता चल सके कि इस नेटवर्क ने और कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है।