Mumbai: Bombay High Court के कैंटीन पर FDA का छापा, बिना लाइसेंस चल रहा था BBA कैंटीन, काम रोकने का आदेश

Maharashtra: मुंबई के Bombay High Court परिसर में स्थित कैंटीनों में फूड सेफ्टी नियमों की अनदेखी का मामला सामने आया है। FDA की टीम ने गुरुवार को कोर्ट परिसर की तीन कैंटीनों की जांच की, जिसमें Bombay Bar Association (BBA)

Maharashtra: मुंबई के Bombay High Court परिसर में स्थित कैंटीनों में फूड सेफ्टी नियमों की अनदेखी का मामला सामने आया है। FDA की टीम ने गुरुवार को कोर्ट परिसर की तीन कैंटीनों की जांच की, जिसमें Bombay Bar Association (BBA) की कैंटीन को बिना लाइसेंस चलाने के कारण तुरंत बंद करने का आदेश दिया गया है।

यह पूरी कार्रवाई तब शुरू हुई जब बुधवार को Bombay High Court ने FDA से मौखिक रूप से पूछा था कि क्या वे सरकारी कैंटीनों, जैसे कि मंत्रालय और हाई कोर्ट की कैंटीनों की भी जांच करते हैं या सिर्फ निजी दुकानों पर ही कार्रवाई होती है। कोर्ट के इस सवाल के बाद गुरुवार को FDA की टीम ने हाई कोर्ट परिसर की तीन कैंटीनों का निरीक्षण किया।

जांच के दौरान पाया गया कि Bombay Bar Association (BBA) की कैंटीन के पास अनिवार्य FSSAI लाइसेंस नहीं था। इसके बाद FDA ने वहां ‘स्टॉप बिजनेस’ ऑर्डर जारी कर दिया। नोटिस में साफ कहा गया है कि आदेश का पालन न करने पर 2 लाख रुपये तक का जुर्माना लग सकता है और बिना लाइसेंस काम जारी रखने पर Food Safety and Standards Act के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

दूसरी तरफ, BBA के अध्यक्ष नितिन ठक्कर ने कहा कि उन्होंने FDA टीम के आने से पहले ही अपनी मर्जी से सेवाएं रोक दी थीं। उन्होंने यह भी बताया कि कैंटीन के ठेकेदार ने निरीक्षण वाले दिन ही जरूरी लाइसेंस ले लिया है, इसलिए जल्द ही काम फिर से शुरू होने की उम्मीद है। हालांकि, FDA अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि चूंकि लाइसेंस था ही नहीं, इसलिए इसे ‘सस्पेंड’ नहीं बल्कि बिना लाइसेंस संचालन माना जाएगा।

सरकारी वकील नेहा भिडे ने कोर्ट को बताया कि यह अभियान किसी एक जगह के लिए नहीं है। इसी तरह BMC, KEM अस्पताल और Cricket Club of India (CCI) जैसी बड़ी संस्थाओं की कैंटीनों की भी जांच हुई है और नियमों के उल्लंघन पर कुछ को बंद भी किया गया है। हाई कोर्ट परिसर की अन्य दो कैंटीनों को भी FDA ने सुधार के लिए नोटिस जारी किए हैं। इस मामले में अगली सुनवाई 31 जुलाई को होनी है, जिसमें FDA पूरे महाराष्ट्र की जांच रिपोर्ट कोर्ट में पेश करेगा।