Maharashtra: मुंबई के Wadala इलाके में BMC की एक जमीन को निजी कंपनी को देने की कोशिश नाकाम रही। बीएमसी हाउस में गुरुवार को एक प्रस्ताव लाया गया था, जिसमें झुग्गी बस्ती वाली करीब 760 वर्ग मीटर जमीन को Godrej Projects Deve
Maharashtra: मुंबई के Wadala इलाके में BMC की एक जमीन को निजी कंपनी को देने की कोशिश नाकाम रही। बीएमसी हाउस में गुरुवार को एक प्रस्ताव लाया गया था, जिसमें झुग्गी बस्ती वाली करीब 760 वर्ग मीटर जमीन को Godrej Projects Development Ltd के प्रोजेक्ट में जोड़ने की बात थी। विपक्षी पार्षदों ने इस प्रस्ताव का कड़ा विरोध किया, जिसके बाद इसे खारिज कर दिया गया।
विपक्ष ने प्रस्ताव को क्यों रोका और क्या था मामला?
कांग्रेस ग्रुप लीडर Ashraf Azmi और अन्य विपक्षी नेताओं ने इस प्रस्ताव पर आपत्ति जताई। उनका कहना था कि नगर निगम की जमीन को गलत तरीके से Godrej कंपनी को दिया जा रहा है। यह मामला Rafi Ahmed Kidwai Marg पर चल रहे एक रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट से जुड़ा था। विपक्ष ने इसे नियमों के खिलाफ बताया, जिसके बाद मेयर Ritu Tawde ने इस पर वोटिंग कराने का फैसला किया।
वोटिंग में सत्ता पक्ष क्यों हारा?
इस प्रस्ताव को BJP के नेतृत्व वाले महायुति गठबंधन ने एक जरूरी मामले के तौर पर पेश किया था। नियमों के मुताबिक, ऐसे प्रस्ताव को पास करने के लिए दो-तिहाई बहुमत की जरूरत थी। वोटिंग के दौरान सत्ता पक्ष के 61 और विपक्ष के 58 पार्षदों ने वोट किया। हालांकि सत्ता पक्ष के वोट ज्यादा थे, लेकिन सदस्यों की अनुपस्थिति और खराब फ्लोर मैनेजमेंट की वजह से वे जरूरी दो-तिहाई बहुमत नहीं जुटा पाए और प्रस्ताव गिर गया।
इस मामले में कौन-कौन शामिल था?
- BMC: जमीन का असली मालिक।
- विपक्ष: कांग्रेस, शिवसेना (UBT), MNS और AIMIM।
- सत्ता पक्ष: BJP और शिवसेना (शिंदे गुट)।
- Godrej Projects Development Ltd: वह कंपनी जिसे जमीन मिलने वाली थी।
- इम्प्रूवमेंट कमेटी: जिसने पहले इस प्रस्ताव को मंजूरी दी थी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
Wadala की कितनी जमीन को कंपनी को देने का प्रस्ताव था?
BMC की करीब 760 वर्ग मीटर जमीन को Godrej Projects Development Ltd के प्रोजेक्ट में जोड़ने का प्रस्ताव था, जिसमें एक झुग्गी बस्ती बसी हुई है।
प्रस्ताव पास होने के लिए कितने बहुमत की जरूरत थी?
चूंकि इसे एक जरूरी मामले (urgent matter) के रूप में पेश किया गया था, इसलिए इसे पास करने के लिए बीएमसी जनरल बॉडी में दो-तिहाई बहुमत की आवश्यकता थी।