Maharashtra: मुंबई के लोगों को अब फ्लाईओवरों पर गड्ढों और मरम्मत की समस्याओं से राहत मिल सकती है। BMC ने MSRDC द्वारा बनाए गए 27 फ्लाईओवरों और अन्य ढांचों को अपने हाथ में लेने का फैसला किया है। हालांकि, BMC ने इसके लिए क
Maharashtra: मुंबई के लोगों को अब फ्लाईओवरों पर गड्ढों और मरम्मत की समस्याओं से राहत मिल सकती है। BMC ने MSRDC द्वारा बनाए गए 27 फ्लाईओवरों और अन्य ढांचों को अपने हाथ में लेने का फैसला किया है। हालांकि, BMC ने इसके लिए कुछ कड़ी शर्तें रखी हैं ताकि भविष्य में रखरखाव को लेकर कोई विवाद न हो और जनता को परेशानी न झेलनी पड़े।
BMC ने टेकओवर के लिए क्या शर्तें रखी हैं?
BMC ने साफ कर दिया है कि वह इन फ्लाईओवरों की जिम्मेदारी तभी लेगी जब MSRDC मेंटेनेंस का पूरा फंड ट्रांसफर करेगा। म्युनिसिपल कमिश्नर अश्विनी भिड़े ने निर्देश दिया है कि पिछले तीन साल का खर्च और 2026 से 2029 तक का अनुमानित खर्च BMC को दिया जाए। इसके अलावा, डिजाइन ड्राइंग, कॉन्ट्रैक्ट डॉक्यूमेंट और स्ट्रक्चरल ऑडिट जैसी जरूरी तकनीकी रिपोर्ट देना भी अनिवार्य है।
विज्ञापनों की कमाई और जिम्मेदारी का क्या होगा?
फ्लाईओवरों पर लगने वाले विज्ञापनों के अधिकार भी अब BMC के पास आएंगे। मौजूदा प्राइवेट कंपनियों के कॉन्ट्रैक्ट खत्म होने के बाद यह अधिकार BMC को मिल जाएंगे और MSRDC को अब नए एग्रीमेंट नहीं करने होंगे। पहले MSRDC चाहता था कि कमाई वह रखे और मरम्मत का खर्च BMC उठाए, लेकिन BMC ने इस बात पर कड़ी आपत्ति जताई थी।
आम जनता को इससे क्या फायदा होगा?
अतिरिक्त म्युनिसिपल कमिश्नर अभिजीत बंगार के मुताबिक, इस कदम से एक ‘सिंगल-पॉइंट अथॉरिटी’ बनेगी। इससे मानसून के दौरान गड्ढों की शिकायत पर तुरंत एक्शन लिया जा सकेगा और जवाबदेही तय होगी। अब तक MSRDC की देरी की वजह से जनता को परेशानी होती थी और सरकार की छवि खराब होती थी। VJTI ने इन पुलों का स्ट्रक्चरल ऑडिट पूरा कर लिया है, जिसकी रिपोर्ट जल्द ही जमा की जाएगी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
BMC किन शर्तों पर फ्लाईओवरों को अपने पास ले रही है?
BMC ने शर्त रखी है कि MSRDC 2029 तक का मेंटेनेंस फंड ट्रांसफर करे और सभी जरूरी तकनीकी दस्तावेज जैसे डिजाइन ड्राइंग और ऑडिट रिपोर्ट सौंपे।
फ्लाईओवरों पर विज्ञापनों का अधिकार किसके पास रहेगा?
वर्तमान प्राइवेट कॉन्ट्रैक्ट खत्म होने के बाद विज्ञापनों के सभी अधिकार BMC को मिल जाएंगे, MSRDC अब नए विज्ञापन समझौते नहीं कर सकेगा।