Mumbai BMC में बड़ी टूट की तैयारी, Uddhav Thackeray की शिवसेना (UBT) के कई पार्षदों के शिंदे गुट में जाने के दावे

Maharashtra: मुंबई नगर निगम (BMC) में एक बार फिर सियासी हलचल तेज हो गई है। खबर है कि उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT) के कई पार्षद मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना में शामिल हो सकते हैं। शिंदे गुट के नेताओं ने दावा किया है

Maharashtra: मुंबई नगर निगम (BMC) में एक बार फिर सियासी हलचल तेज हो गई है। खबर है कि उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT) के कई पार्षद मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना में शामिल हो सकते हैं। शिंदे गुट के नेताओं ने दावा किया है कि बड़ी संख्या में पार्षद उनसे संपर्क कर रहे हैं, जिससे BMC के समीकरण बदल सकते हैं।

शिवसेना नेता किरण लांडगे ने 18 जून को दावा किया कि UBT सेना के 20 से ज्यादा पार्षद शिंदे गुट के संपर्क में हैं। वहीं, 19 जून को अमेय घोले ने इस संख्या को बढ़ाकर 25 बताया। उनका कहना है कि UBT सेना के प्रतिनिधि पार्टी नेतृत्व तक नहीं पहुँच पा रहे हैं और खुद को उपेक्षित महसूस कर रहे हैं, इसलिए वे पाला बदलने की सोच रहे हैं। बीजेपी मंत्री गिरीश महाजन ने भी संकेत दिए कि जल्द ही पार्षद पार्टी छोड़ सकते हैं।

सूत्रों के मुताबिक, शिंदे गुट ने ‘ऑपरेशन टाइगर’ शुरू किया है, जिसका मकसद UBT सेना के दो-तिहाई पार्षदों को अपने साथ लाना है। यह हलचल ऐसे समय में हुई है जब लोकसभा में भी UBT सेना के छह सांसदों के पाला बदलने की चर्चा है।

दूसरी तरफ, BMC में UBT सेना की ताकत पहले ही कम हुई है। कांजुरमार्ग (वार्ड नंबर 111) के पार्षद दीपक सावंत को जिला जाति प्रमाण पत्र जांच समिति द्वारा प्रमाण पत्र अमान्य किए जाने के बाद अयोग्य घोषित कर दिया गया। इससे UBT सेना की सदस्य संख्या 65 से घटकर 64 रह गई है। इसी तरह गोवंडी (वार्ड नंबर 137) से AIMIM पार्षद शमीयर रमजान पटेल को भी अयोग्य ठहराया गया है।

स्थानीय निकायों में दलबदल रोकने के लिए महाराष्ट्र स्थानीय प्राधिकरण सदस्य अयोग्यता अधिनियम, 1986 लागू है। हालांकि, नगर पालिका अधिनियम के सेक्शन 63 में संशोधन के बाद अब चुनाव के एक महीने के भीतर गठबंधन बनाने की छूट मिलती है, जिसे कई लोग कानूनी तरीके से दलबदल का रास्ता मानते हैं। नियमों के अनुसार, यदि किसी मान्यता प्राप्त समूह के एक-तिहाई सदस्य एक साथ दलबदल करते हैं, तो वे अयोग्यता से बच सकते हैं।