Maharashtra: मुंबई में बीएमसी (BMC) द्वारा सरकारी स्कूलों के प्लॉट को निजी हाथों में सौंपने की योजना पर विवाद खड़ा हो गया है। शिव सेना (UBT) के विधायक आदित्य ठाकरे ने इस कदम की कड़ी आलोचना की है। बीएमसी ने 30 साल के लिए
Maharashtra: मुंबई में बीएमसी (BMC) द्वारा सरकारी स्कूलों के प्लॉट को निजी हाथों में सौंपने की योजना पर विवाद खड़ा हो गया है। शिव सेना (UBT) के विधायक आदित्य ठाकरे ने इस कदम की कड़ी आलोचना की है। बीएमसी ने 30 साल के लिए स्कूल प्लॉट को PPP मॉडल पर निजी कंपनियों को देने की तैयारी की थी, जिस पर अब राजनीति गरमा गई है।
BMC का निजीकरण प्लान क्या था और क्यों हो रहा है विरोध?
बीएमसी ने जनवरी 2026 में छह स्कूल प्लॉट के लिए निविदाएं मांगी थीं। इस PPP मॉडल के तहत निजी कंपनियां इन स्कूलों का प्रबंधन करतीं और केवल 25% सीटें RTE एक्ट के तहत मुफ्त शिक्षा के लिए रखी जातीं। आदित्य ठाकरे और शिव सेना (UBT) के अन्य सदस्यों ने इसका विरोध करते हुए कहा कि सरकारी स्कूलों का निजीकरण नहीं होना चाहिए। वहीं, बीजेपी पार्षद रोहन राठौड़ ने भी इस पर सवाल उठाए और कहा कि बीएमसी को इससे बहुत कम कमाई होगी, जबकि मुंबई की जमीन की कीमत बहुत ज्यादा है।
शिक्षा समिति का फैसला और छात्रों पर असर
विवाद बढ़ता देख 24 अप्रैल 2026 को बीएमसी की शिक्षा समिति ने पांच स्कूल प्लॉट को PPP मॉडल से बाहर रखने का फैसला किया। समिति की अध्यक्ष राजश्री शिरवाडकर ने प्रशासन को इस पॉलिसी पर रोक लगाने और अधिक जानकारी देने का निर्देश दिया है। दूसरी तरफ, 22 अप्रैल को 164 अनधिकृत स्कूलों को बंद करने के आदेश दिए गए थे, जिससे करीब 80,000 छात्र प्रभावित हुए। डिप्टी म्युनिसिपल कमिश्नर प्राची जांभेकर ने कहा कि इन छात्रों को सरकारी स्कूलों में डबल शिफ्ट या एक्स्ट्रा डिवीजन के जरिए जगह दी जाएगी।
निजीकरण के पक्ष और विपक्ष के तर्क
अतिरिक्त म्युनिसिपल कमिश्नर अविनाश ढाकणे ने बताया कि पिछले एक दशक में बीएमसी स्कूलों में बच्चों की संख्या काफी घटी है, इसलिए यह कदम उठाया गया। वहीं, पार्षद वर्षा टेंबुलकर ने फीस के नियमन और मध्यम वर्ग के परिवारों के लिए स्कूलों की किफ़ायत पर सवाल उठाए हैं। दूसरी ओर, आईआईएम मुंबई के पूर्व प्रोफेसर प्रभाकर पाटिल का मानना है कि अगर इसे जिम्मेदारी से लागू किया जाए, तो यह भारत के स्कूल इकोसिस्टम को बदल सकता है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
बीएमसी के PPP मॉडल में कितनी सीटें मुफ्त शिक्षा के लिए होंगी?
इस योजना के तहत केवल 25% सीटें राइट टू एजुकेशन (RTE) एक्ट के तहत मुफ्त शिक्षा के लिए आरक्षित रखी जाएंगी।
अनधिकृत स्कूलों के बंद होने से प्रभावित छात्रों का क्या होगा?
बीएमसी ने कहा है कि प्रभावित छात्रों को म्युनिसिपल स्कूलों में डबल शिफ्ट या अतिरिक्त डिवीजन बनाकर जगह दी जाएगी।