Maharashtra: मुंबई में सरकारी स्कूलों की जमीन निजी हाथों में देने वाली BMC की PPP पॉलिसी अब विवादों में घिर गई है। पहले BJP ने इस नीति का विरोध किया था और अब Congress ने भी इसका साथ देते हुए इसे तुरंत खत्म करने की मांग क
Maharashtra: मुंबई में सरकारी स्कूलों की जमीन निजी हाथों में देने वाली BMC की PPP पॉलिसी अब विवादों में घिर गई है। पहले BJP ने इस नीति का विरोध किया था और अब Congress ने भी इसका साथ देते हुए इसे तुरंत खत्म करने की मांग की है। दोनों पार्टियों का मानना है कि इस पॉलिसी में पारदर्शिता की कमी है और इससे BMC को बहुत कम फायदा हो रहा है।
क्या है यह PPP पॉलिसी और क्यों हो रहा है विरोध?
BMC की इस PPP पॉलिसी के तहत पांच सरकारी स्कूलों के प्लॉट निजी कंपनियों को लीज पर दिए जाने थे। विरोध का मुख्य कारण यह है कि इस डील में BMC को छात्रों की फीस का सिर्फ 3% हिस्सा और हर स्कूल से करीब 83,000 रुपये महीना मिलना था। मुंबई जैसी महंगी जमीन के हिसाब से यह रकम बहुत कम है। आरोप है कि दिसंबर 2025 में एडमिनिस्ट्रेटर के कार्यकाल के दौरान बिना किसी चर्चा के इस पॉलिसी को जल्दबाजी में लागू किया गया था।
किन स्कूलों पर पड़ेगा असर और क्या है नेताओं का कहना?
इस मॉडल के लिए छह प्लॉट चुने गए थे, जिनमें से पांच के लिए निजी प्रस्ताव आ चुके हैं। इनमें मलाड का कन्या शाला, माहिम BMC स्कूल, मलाड धनजीवाड़ी स्कूल, मलाड का MHB उर्दू स्कूल, वाकोला BMC स्कूल और ठाकुर विलेज BMC स्कूल शामिल हैं। Congress MLA Amin Patel ने BMC चीफ अश्विनी भिड़े को पत्र लिखकर जांच और कानूनी कार्रवाई की मांग की है। वहीं, BJP के अमित सतम और रोहन राठौड़ ने इसे BMC के हितों के खिलाफ बताया है।
शिक्षा समिति का फैसला और आगे की राह
विवाद बढ़ता देख 25 अप्रैल 2026 को BMC की शिक्षा समिति ने इस मॉडल को फिलहाल रोकने का फैसला किया। समिति की चेयरपर्सन राजेश्री शिरवाडकर और अन्य पार्षदों ने प्रशासन से इस पर अधिक जानकारी मांगी है। अब मांग की जा रही है कि एक कमेटी बनाकर पूरी पॉलिसी की समीक्षा की जाए और फिर इसे BMC जनरल बॉडी में चर्चा के लिए रखा जाए ताकि आम जनता और मध्यम वर्ग के छात्रों के हितों की रक्षा हो सके।
Frequently Asked Questions (FAQs)
BMC की PPP पॉलिसी में क्या गड़बड़ बताई जा रही है?
आरोप है कि मुंबई की कीमती जमीन के बदले BMC को बहुत कम किराया (83,000 रुपये महीना) और फीस का मात्र 3% हिस्सा मिल रहा था, जो शहर की जमीन की कीमत के मुकाबले बहुत कम है।
किन इलाकों के स्कूलों को इस पॉलिसी में शामिल किया गया था?
इसमें मलाड (कन्या शाला, धनजीवाड़ी और MHB उर्दू स्कूल), माहिम, वाकोला और ठाकुर विलेज के BMC स्कूलों को शामिल किया गया था।