Maharashtra: मुंबई में मानसून से पहले सड़कों के गड्ढे भरने के लिए Brihanmumbai Municipal Corporation (BMC) ने 105 करोड़ रुपये का टेंडर निकाला है। इस खर्च को लेकर एक सिटीजन्स फोरम ने सवाल उठाए हैं क्योंकि शहर में पहले से
Maharashtra: मुंबई में मानसून से पहले सड़कों के गड्ढे भरने के लिए Brihanmumbai Municipal Corporation (BMC) ने 105 करोड़ रुपये का टेंडर निकाला है। इस खर्च को लेकर एक सिटीजन्स फोरम ने सवाल उठाए हैं क्योंकि शहर में पहले से ही बड़े पैमाने पर सड़कों के कंक्रीटकरण (concretisation) का काम चल रहा है। लोगों का मानना है कि जब सड़कें पक्की हो रही हैं, तो गड्ढों की मरम्मत पर इतना पैसा क्यों खर्च किया जा रहा है।
टेंडर का पैसा कहाँ और कैसे खर्च होगा?
BMC ने इस प्रोजेक्ट को अलग-अलग पैकेज में बांटा है। इसमें से 30 करोड़ रुपये सिर्फ Western Express Highway और Eastern Express Highway के गड्ढों को भरने के लिए रखे गए हैं। 24 अप्रैल 2026 को जारी एक नोटिस के मुताबिक, Eastern Express Highway और Eastern Freeway के रखरखाव के लिए 25 करोड़ रुपये का एक अलग हिस्सा भी शामिल है, जिसकी बिड 6 मई 2026 को खोली जाएगी।
BMC और प्रशासन का क्या कहना है?
नगर निगम के अधिकारियों ने साफ किया है कि यह टेंडर उन सड़कों के लिए है जिनका कंक्रीटकरण अभी नहीं हुआ है। इसमें मुख्य हाईवे और कुछ छोटी सड़कें शामिल हैं। म्युनिसिपल कमिश्नर Ashwini Bhide ने बताया कि 17,700 करोड़ रुपये के कंक्रीटकरण प्रोजेक्ट के तहत करीब 700 किमी सड़क पक्की की जा रही है। इसका पहला फेज दिसंबर 2026 तक और दूसरा फेज मई 2027 तक पूरा होने की उम्मीद है।
पिछले सालों में कितना हुआ खर्च?
BMC के मुताबिक, सड़कों को पक्का करने के काम की वजह से गड्ढों की मरम्मत पर होने वाला खर्च कम हुआ है। साल 2024 में इस काम पर 202 करोड़ रुपये खर्च हुए थे, जबकि 2025 में यह घटकर 150 करोड़ रुपये रह गया। यह पूरा प्रोजेक्ट डिप्टी सीएम Eknath Shinde की पहल पर शुरू किया गया था, जिसका अब तक करीब 75% काम पूरा हो चुका है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
BMC ने गड्ढों की मरम्मत के लिए कितना बजट रखा है?
BMC ने कुल 105 करोड़ रुपये का टेंडर निकाला है, जिसमें से 30 करोड़ रुपये वेस्टर्न और ईस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे के लिए तय किए गए हैं।
मुंबई में सड़क कंक्रीटकरण का काम कब तक पूरा होगा?
कमिश्नर के अनुसार, पहला फेज दिसंबर 2026 तक और दूसरा फेज मई 2027 तक पूरा होने की संभावना है।