Maharashtra: मुंबई के Panjrapur में बनने वाले 910 MLD क्षमता के नए वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के काम में अड़चन आ गई है। BMC की स्टैंडिंग कमेटी ने प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसल्टेंट (PMC) की नियुक्ति की मंजूरी को रोक दिया है। कमेटी
Maharashtra: मुंबई के Panjrapur में बनने वाले 910 MLD क्षमता के नए वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के काम में अड़चन आ गई है। BMC की स्टैंडिंग कमेटी ने प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसल्टेंट (PMC) की नियुक्ति की मंजूरी को रोक दिया है। कमेटी के सदस्यों ने इस पूरी प्रक्रिया में टेंडर न निकालने और एक खास कंपनी को फायदा पहुंचाने का आरोप लगाया है।
TCE कंपनी को लेकर क्यों मचा है विवाद?
कमेटी में कांग्रेस सदस्य Ashraf Azmi ने सवाल उठाया कि प्रशासन ने बिना किसी टेंडर के Tata Consulting Engineers (TCE) को ही क्यों चुना। उन्होंने बताया कि TCE ने इस प्रोजेक्ट की Detailed Project Report (DPR) तैयार की थी। Azmi ने Gargai प्रोजेक्ट का उदाहरण देते हुए कहा कि पहले कभी ऐसा नहीं हुआ कि जिस कंपनी ने शुरुआती कंसल्टेंसी की हो, उसे ही PMC बना दिया जाए। साथ ही उन्होंने Welspun को मिले मुख्य टेंडर की राशि को भी बढ़ा-चढ़ाकर बताया गया है।
BMC प्रशासन ने अपनी बात में क्या कहा?
BMC प्रशासन ने अपना बचाव करते हुए कहा कि TCE तकनीकी सलाहकार के तौर पर काम कर चुकी है, इसलिए वह इस प्रोजेक्ट की बारीकियों को बेहतर समझती है। प्रशासन के मुताबिक, TCE ने PMC बनने की इच्छा जताई थी और कंसल्टेंसी फीस में छूट भी देने का वादा किया है। जल आपूर्ति और वेस्टवाटर प्रोजेक्ट्स में उनके लंबे अनुभव के कारण उन्हें प्राथमिकता दी गई।
प्रोजेक्ट से जुड़ी मुख्य बातें
- प्रोजेक्ट का स्थान: Panjrapur
- प्लांट की क्षमता: 910 MLD
- मुख्य ठेकेदार: Welspun Enterprises Ltd (बजट 3,145 करोड़ रुपये)
- प्रस्तावित PMC: Tata Consulting Engineers (अनुमानित कॉन्ट्रैक्ट 23.35 करोड़ रुपये)
- तकनीकी पार्टनर: Veolia (ऑपरेशन और मेंटेनेंस के लिए)
Frequently Asked Questions (FAQs)
Panjrapur वाटर ट्रीटमेंट प्लांट प्रोजेक्ट क्या है?
यह 910 MLD क्षमता का एक नया प्लांट है जिसे Welspun Enterprises Ltd बना रही है। इसका कुल बजट 3,145 करोड़ रुपये है और इसमें 15 साल का ऑपरेशन और मेंटेनेंस शामिल है।
BMC स्टैंडिंग कमेटी ने मंजूरी क्यों रोकी?
कमेटी ने आरोप लगाया कि PMC के लिए टेंडर नहीं निकाला गया और Tata Consulting Engineers (TCE) को बिना किसी खुली प्रक्रिया के फायदा पहुँचाने की कोशिश की गई।