Maharashtra: मुंबई में मानसून की देरी और बांधों में घटते जलस्तर ने चिंता बढ़ा दी है। शहर की पानी की जरूरतों को पूरा करने के लिए BMC कमिश्नर अश्विनी भिडे ने अब पुराने कुओं और बोरवेल को फिर से जीवित करने का फैसला लिया है।
Maharashtra: मुंबई में मानसून की देरी और बांधों में घटते जलस्तर ने चिंता बढ़ा दी है। शहर की पानी की जरूरतों को पूरा करने के लिए BMC कमिश्नर अश्विनी भिडे ने अब पुराने कुओं और बोरवेल को फिर से जीवित करने का फैसला लिया है। प्रशासन ने पूरे शहर में इनका सर्वे कराने और इन्हें साफ करने के निर्देश दिए हैं ताकि बांधों पर दबाव कम हो सके।
कुओं और बोरवेल को फिर से क्यों चालू किया जा रहा है?
मुंबई की सात झीलों में पानी का स्तर बहुत कम हो गया है, जो करीब 12% से 12.49% के बीच है। इनमें से Upper Vaitarna झील तो पूरी तरह खाली हो चुकी है। अनुमान है कि मौजूदा पानी सिर्फ 50 दिनों तक ही चलेगा। इसी वजह से 15 मई से शहर में 10% पानी की कटौती भी लागू है। अब बढ़ती आबादी और क्लाइमेट चेंज के असर को देखते हुए इन वैकल्पिक स्रोतों को इस्तेमाल करना जरूरी हो गया है।
BMC प्रशासन अब क्या कदम उठाएगा?
कमिश्नर अश्विनी भिडे ने सभी सरकारी, सार्वजनिक और प्राइवेट कुओं और बोरवेल का ऑडिट करने को कहा है। वार्ड अधिकारियों और असिस्टेंट कमिश्नरों को इनकी लिस्ट तैयार करने का काम सौंपा गया है। इन कुओं की सफाई की जाएगी और इनमें गाद (desilting) निकाली जाएगी। साथ ही, बारिश के पानी को जमीन के अंदर भेजने के लिए Rainwater Recharge के इंतजाम किए जाएंगे।
हाउसिंग सोसायटियों के लिए क्या निर्देश हैं?
प्रशासन उन हाउसिंग सोसायटियों को प्रोत्साहित करेगा जो इन पुनर्जीवित कुओं के पास स्थित हैं। उन्हें सलाह दी जाएगी कि वे अपनी जरूरतों के लिए इस पानी का इस्तेमाल करें ताकि बांधों के पानी की बचत हो सके। इस काम को सही से लागू करने के लिए स्थानीय पार्षदों, प्रशासन और सोसायटियों के बीच तालमेल बिठाया जाएगा।
Frequently Asked Questions (FAQs)
मुंबई के बांधों में अभी कितना पानी बचा है?
मुंबई की सात झीलों में पानी का स्तर बहुत कम है, जो लगभग 12% से 12.49% तक गिर गया है। Upper Vaitarna झील पूरी तरह खाली हो चुकी है और बचा हुआ पानी करीब 50 दिनों तक चलने की उम्मीद है।
पानी की कमी को दूर करने के लिए BMC ने क्या योजना बनाई है?
BMC कमिश्नर ने शहर के सभी सार्वजनिक और निजी कुओं व बोरवेल का सर्वे कर उन्हें साफ करने और रिचार्ज करने का आदेश दिया है, ताकि बांधों के अलावा पानी के अन्य स्रोत उपलब्ध हो सकें।