Mumbai में BMC अधिकारी हमला केस में अनिल परब बरी, कोर्ट ने कहा सबूतों की कमी

Maharashtra: मुंबई की एक विशेष अदालत ने शिवसेना (UBT) नेता अनिल परब और उनके साथ 10 अन्य लोगों को साल 2023 के एक पुराने मामले में बरी कर दिया है। यह मामला बीएमसी (BMC) के एक अधिकारी के साथ मारपीट और धमकी देने के आरोपों से

Maharashtra: मुंबई की एक विशेष अदालत ने शिवसेना (UBT) नेता अनिल परब और उनके साथ 10 अन्य लोगों को साल 2023 के एक पुराने मामले में बरी कर दिया है। यह मामला बीएमसी (BMC) के एक अधिकारी के साथ मारपीट और धमकी देने के आरोपों से जुड़ा था। गुरुवार, 30 जुलाई 2026 को कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया।

यह पूरा विवाद जून 2023 में शुरू हुआ था जब बीएमसी ने सांताक्रूज (पूर्व) में शिवसेना (UBT) के एक शाखा कार्यालय को तोड़ दिया था। इस घटना के बाद बीएमसी के सहायक इंजीनियर अजय पाटिल ने शिकायत दर्ज कराई थी। इस मामले में अनिल परब और अन्य लोगों पर आईपीसी की धारा 332, 353, 504 और 506(2) जैसी गंभीर धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया था।

विशेष न्यायाधीश महेश जाधव ने अपने फैसले में कहा कि सरकारी वकील आरोपी लोगों के खिलाफ आरोपों को पूरी तरह साबित नहीं कर पाए। कोर्ट ने यह भी माना कि घटना के समय बीएमसी अधिकारी अपनी ड्यूटी कर रहे थे। ट्रायल के दौरान कोर्ट में शिकायतकर्ता, पीड़ित अधिकारी और पुलिसकर्मियों समेत कुल पांच गवाहों के बयान दर्ज किए गए थे।

इस मामले में अनिल परब के साथ सदानंद परब, उदय दलवी, संतोष कदम, हाजी अलीम खार, स्नेहा सतम, दीपक भुतकर, दिनेश कुबल, संदीप शिवळकर, चंद्रशेखर वैंगणकर और हरिप्रसाद शास्त्री को भी बरी किया गया है। यह शिकायत पहले वकोला पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई गई थी, जिसके बाद अक्टूबर 2025 में आरोप तय किए गए थे।