Mumbai में बिना OC वाली इमारतों के लिए BMC की बड़ी राहत, 2016 से पहले के फ्लैट्स को मिलेगा फायदा

Maharashtra: मुंबई में उन हजारों परिवारों के लिए एक बड़ी राहत की खबर आई है जो ऐसी इमारतों में रह रहे हैं जिनके पास ऑक्यूपेशन सर्टिफिकेट (OC) नहीं है। BMC की स्टैंडिंग कमेटी ने बुधवार, 8 जुलाई 2026 को एक एमनेस्टी स्कीम (म

Maharashtra: मुंबई में उन हजारों परिवारों के लिए एक बड़ी राहत की खबर आई है जो ऐसी इमारतों में रह रहे हैं जिनके पास ऑक्यूपेशन सर्टिफिकेट (OC) नहीं है। BMC की स्टैंडिंग कमेटी ने बुधवार, 8 जुलाई 2026 को एक एमनेस्टी स्कीम (माफी योजना) को मंजूरी दे दी है। यह योजना खासतौर पर मध्यम वर्ग और कमजोर वर्ग के उन लोगों के लिए है जिनके फ्लैट्स का साइज छोटा है और जो लंबे समय से कानूनी कागजों की कमी से परेशान थे।

इस योजना के तहत उन इमारतों को कवर किया गया है जिनमें 17 नवंबर 2016 से पहले लोग रहने चले गए थे। कमेटी के चेयरमैन प्रभाकर शिंदे ने बताया कि नागरिकों को तुरंत राहत देने के लिए यह प्रस्ताव पास करना जरूरी था। हालांकि, यह साफ कर दिया गया है कि यह स्कीम केवल उन्हीं हिस्सों को OC देगी जो पहले से मंजूर थे। यह योजना किसी भी अवैध निर्माण को वैध बनाने या फायर सेफ्टी नियमों का उल्लंघन करने वाली जर्जर इमारतों को बचाने के लिए नहीं है।

इस योजना का लाभ लेने के लिए कुछ जरूरी शर्तें रखी गई हैं, जिन्हें समझना आम लोगों के लिए जरूरी है:

शर्त/नियम विवरण
कट-ऑफ तारीख 17 नवंबर 2016 से पहले कब्जा होना चाहिए
फ्लैट का साइज अधिकतम 80 वर्ग मीटर (लगभग 860 sq ft) तक
जरूरी दस्तावेज मंजूर प्लान, IOD और Commencement Certificate (CC)
कब्जे का सबूत प्रॉपर्टी टैक्स रिकॉर्ड या बिजली बिल
किसे मिलेगा लाभ रिहायशी इमारतें, अस्पताल और स्कूल
आवेदन का तरीका रजिस्टर्ड आर्किटेक्ट या लाइसेंस प्राप्त सर्वेयर के जरिए
फीस में छूट रेगुलराइजेशन फीस और जुर्माने पर 50% की छूट

बीएमसी ने यह भी स्पष्ट किया है कि पहले छह महीनों के भीतर आवेदन करने वालों को जुर्माने से पूरी तरह छूट मिल सकती है। आवेदन के लिए मूल डेवलपर या आवेदक से NOC लेना जरूरी होगा, जिसके न होने पर BMC संबंधित पक्ष को नोटिस जारी करेगी। कमर्शियल यूनिट्स को भी फायदा मिल सकता है, बशर्ते वह इमारत 50% से ज्यादा रिहायशी हो, लेकिन उन्हें वित्तीय लाभ नहीं दिया जाएगा।

कॉर्पोरेटर मकरंद नरवेकर ने साफ किया कि यह स्कीम मुंबई नगर निगम एक्ट या डेवलपमेंट कंट्रोल रेगुलेशन (DCR) जैसे मौजूदा कानूनों से ऊपर नहीं है। वहीं बीजेपी नेता गणेश खानकर ने कहा कि बिल्डरों की लापरवाही की वजह से आम मुंबईकर परेशान थे, जिन्हें अब इस पॉलिसी से राहत मिलेगी।