Mumbai में पेड़ गिरने से बच्चे की मौत का मामला, मेयर ने BMC की रिपोर्ट खारिज कर दिए थर्ड पार्टी जांच के आदेश

Maharashtra/Mumbai: चेंबूर में पेड़ गिरने से 11 साल के विहान श्रीवास्तव की मौत के मामले में बड़ा मोड़ आया है। मुंबई मेयर रितु तावड़े ने BMC की आंतरिक जांच रिपोर्ट को पूरी तरह खारिज कर दिया है। उन्होंने इस हादसे की अब एक

Maharashtra/Mumbai: चेंबूर में पेड़ गिरने से 11 साल के विहान श्रीवास्तव की मौत के मामले में बड़ा मोड़ आया है। मुंबई मेयर रितु तावड़े ने BMC की आंतरिक जांच रिपोर्ट को पूरी तरह खारिज कर दिया है। उन्होंने इस हादसे की अब एक स्वतंत्र थर्ड पार्टी जांच कराने का आदेश दिया है ताकि असली जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय हो सके।

यह पूरा मामला 30 जून 2026 का है जब एक पीपल का पेड़ स्कूल बस पर गिर गया था, जिसमें विहान की जान चली गई। पिछले हफ्ते BMC की तीन सदस्यीय कमेटी ने अपनी रिपोर्ट सौंपी थी, जिसमें किसी भी सरकारी विभाग को सीधे तौर पर जिम्मेदार नहीं माना गया था। कमेटी ने केवल ठेकेदार Gawar Construction Limited पर 5 लाख रुपये और सलाहकार फर्म Mahimtura पर 2 लाख रुपये का जुर्माना लगाने की सिफारिश की थी।

मेयर रितु तावड़े ने BMC की जनरल बॉडी मीटिंग में इस रिपोर्ट को यह कहते हुए नामंजूर कर दिया कि इसमें अधिकारियों को बचाने की कोशिश की गई है। उन्होंने कहा कि गार्डन और रोड विभाग के अधिकारियों की जवाबदेही तय नहीं की गई है। मेयर ने इस बात पर भी चिंता जताई कि मानसून के दौरान पेड़ गिरने, मकान ढहने और खुले मैनहोल की वजह से अब तक 11 लोगों की मौत हो चुकी है, जो प्रशासन की बड़ी लापरवाही है।

इस मामले में सदन के नेता गणेश खानकर ने बताया कि गार्डन विभाग ने अप्रैल 2025 और जनवरी 2026 में ही रोड विभाग को चिट्ठियां लिखी थीं। इन पत्रों में चेतावनी दी गई थी कि पानी की पाइपलाइन के काम के दौरान पेड़ों की जड़ें खराब हो गई हैं और पेड़ गिर सकते हैं। कांग्रेस नेता अशरफ अजमी ने भी इस रिपोर्ट को कानूनी रूप से गलत बताया और कहा कि इसमें कोई वैज्ञानिक जांच या फोरेंसिक स्टडी नहीं की गई है।

दूसरी तरफ, एडिशनल म्युनिसिपल कमिश्नर अविनाश ढाकणे ने बचाव करते हुए कहा कि 60-70 साल पुराना यह पीपल का पेड़ अंदर से सड़ चुका था, इसलिए इसका गिरना पहले से बताना मुश्किल था। उन्होंने यह भी कहा कि जब BMC खतरनाक पेड़ों की छंटाई करना चाहती है, तो पर्यावरण समूहों की तरफ से विरोध होता है। फिलहाल, विहान के माता-पिता ने इस रिपोर्ट पर नाराजगी जताई है और कहा है कि अगर नए Probe में सही जवाब नहीं मिला, तो वे कानूनी रास्ता अपनाएंगे।