Mumbai: जाति प्रमाणपत्र गलत होने पर BMC की चौथी कॉर्पोरेटर अयोग्य घोषित, NCP की बुशरा मलिक पर गिरी गाज
Maharashtra: मुंबई नगर निगम (BMC) में जाति प्रमाणपत्र के विवाद ने तूल पकड़ लिया है। शुक्रवार को NCP की कॉर्पोरेटर बुशरा नदीम मलिक को अयोग्य घोषित कर दिया गया क्योंकि उनका जाति प्रमाणपत्र अवैध पाया गया। मेयर ऋतु तावड़े ने
Maharashtra: मुंबई नगर निगम (BMC) में जाति प्रमाणपत्र के विवाद ने तूल पकड़ लिया है। शुक्रवार को NCP की कॉर्पोरेटर बुशरा नदीम मलिक को अयोग्य घोषित कर दिया गया क्योंकि उनका जाति प्रमाणपत्र अवैध पाया गया। मेयर ऋतु तावड़े ने यह जानकारी नगर निगम की आम बैठक के दौरान दी।
बुशरा नदीम मलिक कुर्ला ईस्ट के वार्ड 170 से अन्य पिछड़ा वर्ग (महिला) आरक्षित सीट पर चुनी गई थीं। वह NCP नेता नवाब मलिक के भाई कप्तान मलिक की बहू हैं। अकोला जिला जाति प्रमाणपत्र सत्यापन समिति ने 2 जुलाई 2026 को उनके प्रमाणपत्र को अवैध घोषित कर दिया था, जिसके बाद उनकी सदस्यता खत्म हो गई।
पिछले एक महीने के भीतर यह चौथा मामला है जब किसी कॉर्पोरेटर को इसी वजह से पद से हटाया गया है। इससे पहले AIMIM की रोशन शेख, शमीयर रमजान पटेल और शिवसेना (UBT) के दीपक सावंत को भी अयोग्य घोषित किया जा चुका है। रोशन शेख का मामला काफी चर्चा में रहा क्योंकि उनकी सदस्यता 27 अप्रैल 2026 से ही खत्म मानी गई है।
मुंबई नगर निगम अधिनियम, 1888 की धारा 16(1C)(a) के मुताबिक, आरक्षित सीट से जीतने वाले प्रतिनिधि के पास वैध जाति प्रमाणपत्र होना जरूरी है। अगर जांच समिति इसे गलत पाती है, तो सदस्यता अपने आप खत्म हो जाती है।
अब सवाल यह है कि इन खाली सीटों का क्या होगा। नियमों के अनुसार, इन मामलों में दोबारा चुनाव नहीं होते हैं। चुनाव में जिस उम्मीदवार को दूसरे सबसे ज्यादा वोट मिले थे, उसे नया कॉर्पोरेटर बनाया जाएगा। हालांकि, यह फैसला कोर्ट के जरिए होगा और तब तक यह सीटें खाली रहेंगी।