Mumbai में कचरा फेंकने वालों की अब खैर नहीं, BMC लगाएगी CCTV कैमरे और करेगी सख्त कार्रवाई
Maharashtra: मुंबई शहर को साफ-सुथरा बनाने के लिए BMC ने एक बड़ा अभियान शुरू किया है। शनिवार, 1 अगस्त 2026 को नगर पालिका ने पूरे शहर में ‘विजिबल क्लीनलीनेस’ ड्राइव लॉन्च की। इसके तहत अब उन जगहों की पहचान की जा
Maharashtra: मुंबई शहर को साफ-सुथरा बनाने के लिए BMC ने एक बड़ा अभियान शुरू किया है। शनिवार, 1 अगस्त 2026 को नगर पालिका ने पूरे शहर में ‘विजिबल क्लीनलीनेस’ ड्राइव लॉन्च की। इसके तहत अब उन जगहों की पहचान की जाएगी जहाँ लोग सबसे ज्यादा कचरा फेंकते हैं और वहां CCTV कैमरे लगाए जाएंगे ताकि गंदगी फैलाने वालों को पकड़ा जा सके।
यह पूरा एक्शन बॉम्बे हाई कोर्ट के कड़े निर्देशों के बाद लिया गया है। कोर्ट ने जुलाई के आखिरी हफ्ते में शहर की कचरा समस्या पर गंभीर चिंता जताई थी। इसी के बाद म्युनिसिपल कमिश्नर अश्विनी भिडे ने BMC मुख्यालय में एक रिव्यू मीटिंग की और सभी वार्ड अधिकारियों को इस प्लान को तुरंत लागू करने का आदेश दिया।
BMC ने अब तक शहर में 231 ऐसे हॉटस्पॉट (GVPs) की पहचान की है जहाँ कचरे के ढेर लगते हैं। इनमें से 49 जगहों को पूरी तरह साफ कर दिया गया है और 73 जगहों पर CCTV कैमरे लग चुके हैं। इन सभी पॉइंट्स को Google Maps पर मार्क किया गया है ताकि उनकी निगरानी आसानी से हो सके।
कमिश्नर अश्विनी भिडे ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे स्कूलों, अस्पतालों और रेलवे या मेट्रो स्टेशनों के पास फुटपाथ से अतिक्रमण हटाएं। साथ ही अवैध निर्माण को गिराने और सड़कों के गड्ढों को ‘Marg’ ऐप के जरिए जल्दी ठीक करने को कहा गया है। झुग्गी और घनी बस्तियों में कचरा कलेक्शन सिस्टम को मजबूत किया जाएगा ताकि सड़कों पर गंदगी न फैले।
हाई कोर्ट ने साफ कहा है कि सार्वजनिक सड़कों और फुटपाथों पर प्लास्टिक या कचरा फेंकने वालों के खिलाफ सख्त सिविल या क्रिमिनल केस दर्ज किया जाए। इसके अलावा, कांजुरमार्ग वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट से आने वाली बदबू को रोकने के लिए BMC को 15 दिनों के भीतर MPCB को रिपोर्ट देनी होगी। हेरिटेज साइट्स के पास जमा कचरे को हटाने के लिए भी समय सीमा तय की गई है, जिसमें लापरवाही बरतने वाले वार्ड अधिकारियों की जिम्मेदारी तय होगी।