Maharashtra: मुंबई नगर निगम (BMC) में जन्म प्रमाण पत्र (Birth Certificate) को लेकर चल रहे बड़े फर्जीवाड़े के मामले में एक नया मोड़ आया है। सस्पेंड किए गए एक मेडिकल ऑफिसर ने अपनी सस्पेंशन वापस लेने की मांग की है। डॉक्टर क
Maharashtra: मुंबई नगर निगम (BMC) में जन्म प्रमाण पत्र (Birth Certificate) को लेकर चल रहे बड़े फर्जीवाड़े के मामले में एक नया मोड़ आया है। सस्पेंड किए गए एक मेडिकल ऑफिसर ने अपनी सस्पेंशन वापस लेने की मांग की है। डॉक्टर का कहना है कि उनका सस्पेंशन बिना किसी पूरी जांच के किया गया और उन्होंने किसी भी तरह की गलती से इनकार किया है।
डॉक्टर ने अपनी सफाई में क्या कहा?
सस्पेंड डॉक्टर ने एडिशनल म्युनिसिपल कमिश्नर डॉ. विपिन शर्मा को पत्र लिखकर कहा कि किसी व्यक्ति की नागरिकता (Nationality) की जांच करना पुलिस का काम है, डॉक्टरों का नहीं। उन्होंने साफ किया कि मेडिकल प्रोफेशनल अपनी शपथ के कारण बिना किसी भेदभाव के हर मरीज का इलाज करते हैं। उनके मुताबिक, BMC या किसी भी सरकारी अस्पताल के पास माता-पिता की नागरिकता दोबारा जांचने का अधिकार नहीं होता। जन्म प्रमाण पत्र अस्पतालों द्वारा दिए गए दस्तावेजों के आधार पर जारी किए जाते हैं।
BMC में जन्म प्रमाण पत्र फर्जीवाड़े का पूरा मामला क्या है?
इस पूरे मामले की जांच के लिए मुंबई पुलिस ने जॉइंट कमिश्नर लक्ष्मी गौतम के नेतृत्व में एक SIT टीम बनाई है। जांच में सामने आया कि मेडिकल ऑफिसर्स ऑफ हेल्थ (MOH) ने नियमों को ताक पर रखकर पुराने SAP सिस्टम में रिकॉर्ड बदले। भारत के रजिस्ट्रार जनरल के नियमों के अनुसार, सभी रजिस्ट्रेशन केवल केंद्र सरकार के CRS पोर्टल पर होने चाहिए। लेकिन 2024 से 2026 के बीच SAP सिस्टम में 87,000 से ज्यादा बदलाव किए गए, जबकि CRS पोर्टल पर यह संख्या केवल 33,772 थी।
अब तक क्या-क्या कार्रवाई हुई है?
BMC चीफ अश्विनी भिड़े ने जांच रिपोर्ट के बाद तीसरे मेडिकल ऑफिसर को सस्पेंड करने की सिफारिश की। इससे पहले नवंबर 2025 में गोवंडी वार्ड के हेल्थ ऑफिसर डॉ. संजय फुंडे को 94 फर्जी सर्टिफिकेट जारी करने के आरोप में सस्पेंड किया गया था। मेयर रितु तावड़े ने फरवरी 2026 में अवैध निवासियों को दिए गए 237 फर्जी सर्टिफिकेट जब्त करने का आदेश दिया था। अब BMC ने SAP सिस्टम में एंट्री पूरी तरह बंद कर दी है और अधिकारियों के अधिकार वापस ले लिए हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
जन्म प्रमाण पत्र के लिए अब कौन सा पोर्टल अनिवार्य है?
रजिस्ट्रेशन ऑफ बर्थ्स एंड डेथ्स एक्ट 1969 के अनुसार, अब सभी जन्म और मृत्यु का रजिस्ट्रेशन केंद्र सरकार के सिविल रजिस्ट्रेशन सिस्टम (CRS) पोर्टल के माध्यम से करना अनिवार्य है।
पासपोर्ट बनवाने के लिए जन्म प्रमाण पत्र क्यों जरूरी है?
1 अक्टूबर 2023 या उसके बाद जन्म लेने वाले व्यक्तियों के लिए पासपोर्ट आवेदन में जन्म तिथि के एकमात्र प्रमाण के रूप में जन्म प्रमाण पत्र को अनिवार्य कर दिया गया है।