Maharashtra: मुंबई नगर निगम (BMC) के असिस्टेंट म्युनिसिपल कमिश्नर Nitin Shukla को पुलिस ने रेप के मामले में गिरफ्तार किया है। उन पर एक महिला आर्किटेक्ट के साथ दुष्कर्म और धोखाधड़ी के गंभीर आरोप लगे हैं। कोर्ट ने आरोपी अध
Maharashtra: मुंबई नगर निगम (BMC) के असिस्टेंट म्युनिसिपल कमिश्नर Nitin Shukla को पुलिस ने रेप के मामले में गिरफ्तार किया है। उन पर एक महिला आर्किटेक्ट के साथ दुष्कर्म और धोखाधड़ी के गंभीर आरोप लगे हैं। कोर्ट ने आरोपी अधिकारी को 30 अप्रैल तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया है।
क्या है पूरा मामला और आरोप
पीड़ित महिला आर्किटेक्ट ने आरोप लगाया है कि Nitin Shukla ने शादी का झूठा वादा करके उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। शिकायत के मुताबिक, यह सिलसिला तीन साल तक चला। महिला ने बताया कि वह 2023 में प्रोजेक्ट अप्रूवल के लिए शुक्ला के पास गई थी, जिसके बाद उनके बीच संबंध बने। आरोप है कि शुक्ला ने अपनी शादी की बात छिपाई और पत्नी से तलाक देने का वादा किया था। इसके अलावा, उन पर मारपीट करने, फर्जी अकाउंट बनाने और निजी वीडियो वायरल करने की धमकी देने के भी आरोप हैं।
BMC ने क्या एक्शन लिया
इस घटना के बाद BMC प्रशासन ने तुरंत कदम उठाए हैं। Nitin Shukla को फिलहाल अनिवार्य छुट्टी (compulsory leave) पर भेज दिया गया है और उन्हें निलंबित (suspend) कर दिया गया है। वह K-East वार्ड (अंधेरी ईस्ट और विले पारले ईस्ट) के वार्ड ऑफिसर थे। उनके वार्ड का प्रभार अब अस्थायी रूप से एग्जीक्यूटिव इंजीनियर को सौंप दिया गया है।
पुलिस जांच और कोर्ट की कार्रवाई
Parksite पुलिस ने सोमवार, 27 अप्रैल 2026 को Nitin Shukla को उस समय गिरफ्तार किया जब वह जनगणना से जुड़ी एक मीटिंग में शामिल थे। मंगलवार को उन्हें विक्रोली कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें 30 अप्रैल तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस अब इस मामले में सबूत जुटा रही है और पीड़िता के बयानों के आधार पर आगे की जांच कर रही है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
Nitin Shukla कौन हैं और किस पद पर तैनात थे?
Nitin Shukla बीएमसी (BMC) में असिस्टेंट म्युनिसिपल कमिश्नर थे और मुंबई के K-East वार्ड (अंधेरी ईस्ट और विले पारले ईस्ट) के वार्ड ऑफिसर के तौर पर काम कर रहे थे।
आरोपी अधिकारी पर मुख्य आरोप क्या हैं?
उन पर एक महिला आर्किटेक्ट से शादी का झूठा वादा कर रेप करने, शारीरिक शोषण, मारपीट करने और निजी सामग्री को सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देने के आरोप हैं।