Maharashtra: मुंबई के बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स (BKC) में ट्रैफिक कम करने के लिए MMRDA ने एक नई पहल शुरू की है। 12 जून 2026 से हर शुक्रवार को ‘प्राइवेट व्हीकल फ्री डे’ के तौर पर मनाया जाएगा। इसका मकसद यहां क
Maharashtra: मुंबई के बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स (BKC) में ट्रैफिक कम करने के लिए MMRDA ने एक नई पहल शुरू की है। 12 जून 2026 से हर शुक्रवार को ‘प्राइवेट व्हीकल फ्री डे’ के तौर पर मनाया जाएगा। इसका मकसद यहां काम करने वाले करीब दो लाख प्रोफेशनल्स को पब्लिक ट्रांसपोर्ट इस्तेमाल करने के लिए प्रेरित करना है ताकि प्रदूषण कम हो और सड़कों पर भीड़ न रहे।
क्या है यह अभियान और इसके नियम क्या हैं?
MMRDA ने साफ किया है कि यह कोई अनिवार्य नियम या गाड़ियों पर बैन नहीं है, बल्कि एक स्वैच्छरी जागरूकता अभियान है। मेट्रोपॉलिटन कमिश्नर डॉ. संजय मुखर्जी ने बताया कि यह पहली बार की जा रही एक ऐसी कोशिश है जिससे लोग खुद अपनी मर्जी से टिकाऊ सफर अपनाएं। ट्रैफिक पुलिस ने भी पुष्टि की है कि कारों को रोकने का कोई आधिकारिक आदेश नहीं है, सिर्फ अपील की गई है। इस मुहिम में BKC की करीब 90 कंपनियों ने अपना समर्थन दिया है।
पब्लिक ट्रांसपोर्ट के लिए क्या इंतजाम किए गए हैं?
लोगों की सुविधा के लिए BEST ने 16 रूटों पर 125 बसें चलाई हैं और 100 से ज्यादा सेवाएं उपलब्ध कराई हैं। बांद्रा और कुर्ला स्टेशनों पर बस इंस्पेक्टर तैनात किए गए हैं ताकि यात्रियों को दिक्कत न हो। इसके अलावा Metro Line 3 (Aqua Line) भी कनेक्टिविटी दे रही है। अधिकारियों ने तय किया है कि अगले तीन से चार महीनों तक इस प्रयोग की निगरानी होगी और हर हफ्ते इसकी समीक्षा की जाएगी।
आम जनता और कर्मचारियों को किन दिक्कतों का सामना करना पड़ा?
अभियान के बीच कुछ बड़ी चुनौतियां भी सामने आई हैं। यात्रियों ने शिकायत की है कि BEST बसों का इंतजार लंबा करना पड़ता है और ऑटो रिक्शा चालक मनमाना किराया वसूल रहे हैं। कुछ मामलों में मेट्रो स्टेशन से ऑफिस तक के सफर के लिए 100 रुपये तक मांगे गए। इसके अलावा पीक ऑवर्स में ऐप कैब ड्राइवरों द्वारा राइड कैंसिल करने की समस्या भी देखी गई। विशेषज्ञों का कहना है कि अभी भी 52 प्रतिशत लोग निजी वाहनों पर निर्भर हैं, इसलिए लास्ट-माइल कनेक्टिविटी सुधारना जरूरी है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
क्या शुक्रवार को BKC में प्राइवेट कार ले जाना मना है?
नहीं, यह कोई कानूनी प्रतिबंध या बैन नहीं है। MMRDA ने इसे पूरी तरह से स्वैच्छिक (voluntary) रखा है और लोगों से सिर्फ पब्लिक ट्रांसपोर्ट इस्तेमाल करने की अपील की है।
BEST ने यात्रियों के लिए क्या खास इंतजाम किए हैं?
BEST ने 16 रूटों पर 125 बसें तैनात की हैं और बांद्रा व कुर्ला स्टेशनों पर अधिकारियों को लगाया है। जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त बसें चलाने की तैयारी भी रखी गई है।