Mumbai में साइबर ठगों का आतंक, एक ही दिन में 14 लोग हुए शिकार; डॉक्टर और हाउसवाइफ भी निशाने पर
Maharashtra/Mumbai: मुंबई की भोईवाड़ा पुलिस ने एक ही दिन में साइबर धोखाधड़ी के 14 अलग-अलग मामले दर्ज किए हैं। ठगों ने समाज के हर वर्ग को अपना निशाना बनाया, जिसमें डॉक्टर, नर्स, हाउसवाइफ, सरकारी कर्मचारी और बिजनेसमैन शामि
Maharashtra/Mumbai: मुंबई की भोईवाड़ा पुलिस ने एक ही दिन में साइबर धोखाधड़ी के 14 अलग-अलग मामले दर्ज किए हैं। ठगों ने समाज के हर वर्ग को अपना निशाना बनाया, जिसमें डॉक्टर, नर्स, हाउसवाइफ, सरकारी कर्मचारी और बिजनेसमैन शामिल हैं। जालसाजों ने लोगों को ठगने के लिए फर्जी कस्टमर केयर नंबर और गलत APK फाइल जैसे कई तरीकों का इस्तेमाल किया।
इन मामलों में ठगों ने अलग-अलग हथकंडे अपनाए। किसी को फर्जी KYC अपडेट के नाम पर फंसाया गया, तो किसी को नकली सर्विस प्रोवाइडर बताकर ठगा गया। एक महिला ने Blinkit कस्टमर केयर के चक्कर में 1 लाख रुपये गंवा दिए, जबकि एक हाउसवाइफ ने ऑनलाइन फर्नीचर बेचने की कोशिश में 95,000 रुपये खो दिए। एक नर्स से भी 95,000 रुपये की ठगी हुई। पुलिस ने फर्नीचर घोटाले में अनिल जायसवाल नाम के एक आरोपी की पहचान की है।
शहर में साइबर क्राइम का जाल तेजी से फैल रहा है। हाल ही में एक गोल्ड लोन कंपनी के सॉफ्टवेयर को हैक कर 78 लाख रुपये चुराए गए। वहीं एक ‘बॉस स्कैम’ में व्हाट्सएप के जरिए सीनियर अधिकारियों की नकल कर 10.40 करोड़ रुपये की ठगी हुई। एक रिटायर्ड बैंकर को ‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर डराकर 22 लाख रुपये लूट लिए गए। SEBI ने भी हाल ही में ऐसे ‘बॉस स्कैम’ के प्रति चेतावनी जारी की है।
मुंबई पुलिस ने लोगों को सावधान रहने की सलाह दी है। पुलिस के मुताबिक, मैसेजिंग ऐप्स के जरिए आने वाली किसी भी APK फाइल को डाउनलोड न करें और कस्टमर केयर नंबर सिर्फ आधिकारिक वेबसाइट से ही लें। अपना बैंकिंग विवरण या OTP किसी अनजान व्यक्ति को न बताएं। अगर आपके साथ ऐसी कोई घटना होती है, तो तुरंत नेशनल साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या www.cybercrime.gov.in पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें ताकि पैसे वापस मिलने की संभावना बढ़ सके।