Maharashtra: मुंबई के भोईवाड़ा में अवैध विदेशी नागरिकों के लिए पहला डिटेंशन सेंटर शुरू हो गया है। करीब दो साल पहले इस सेंटर का प्रस्ताव रखा गया था, लेकिन सरकारी कागजी कार्रवाई की वजह से इसे चालू होने में देरी हुई। अब यहा
Maharashtra: मुंबई के भोईवाड़ा में अवैध विदेशी नागरिकों के लिए पहला डिटेंशन सेंटर शुरू हो गया है। करीब दो साल पहले इस सेंटर का प्रस्ताव रखा गया था, लेकिन सरकारी कागजी कार्रवाई की वजह से इसे चालू होने में देरी हुई। अब यहां उन विदेशी नागरिकों को रखा जाएगा जिन्हें उनके देश वापस भेजा जाना है और जिन पर कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है।
सेंटर की व्यवस्था और नियम क्या हैं?
इस सेंटर का मैनेजमेंट सोशल जस्टिस एंड स्पेशल असिस्टेंस (SJSA) विभाग देख रहा है। सुरक्षा के लिए परिसर के अंदर महाराष्ट्र स्टेट सिक्योरिटी फोर्स और बाहर पुलिस गार्ड तैनात रहेंगे। यहां उन लोगों को रखा जाएगा जिन्हें डिपोर्ट किया जाना है और जो जेल जाने वाले अपराधी नहीं हैं। नियमों के मुताबिक, नागरिक यहां कुछ हफ्ते रुकेंगे और फिर उन्हें उनके देश भेज दिया जाएगा।
कितने लोग हैं और क्या है क्षमता?
फिलहाल भोईवाड़ा सेंटर में करीब 40 बांग्लादेशी नागरिक रह रहे हैं। इस सेंटर की कुल क्षमता 80 लोगों की है, जिसमें 60 पुरुषों और 20 महिलाओं के लिए जगह बनाई गई है। हालांकि, महिलाओं की संख्या ज्यादा होने के कारण कुछ को अभी भी पुलिस स्टेशनों में रखना पड़ रहा है, जिसके लिए सरकार जगह बढ़ाने पर विचार कर रही है।
विदेशी नागरिकों के डिपोर्टेशन का डेटा
मुंबई पुलिस और प्रशासन ने पिछले कुछ समय में बड़ी संख्या में अवैध नागरिकों पर कार्रवाई की है। इसका ब्योरा नीचे दी गई टेबल में है:
| विवरण |
संख्या |
| 2025 में डिपोर्ट किए गए बांग्लादेशी नागरिक |
1,061 |
| 1 जनवरी 2026 से अब तक डिटेन किए गए लोग |
लगभग 450 |
| 2026 में अब तक डिपोर्ट किए गए लोग |
224 |
| मार्च 2026 के अंत तक डिटेन नागरिक |
लगभग 400 |
आगे की योजना क्या है?
सरकार ने नवी मुंबई के बालेगांव SRPF ग्राउंड में एक और स्थायी सेंटर बनाने की मंजूरी दी है, जिसकी क्षमता 213 लोगों की होगी। इसका टेंडर काम पूरा हो चुका है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बताया कि राज्य सरकार अब एक ऐसा सिस्टम ला रही है जिससे उन विदेशी नागरिकों का पता लगाया जा सके जिन्होंने अपने वीजा की समय सीमा खत्म होने के बाद भी भारत में रहना जारी रखा है।