Mumbai के Bhandup में बनेगा शानदार Bird Park, 250 प्रजातियों के पक्षी दिखेंगे और लगेगा AI सिस्टम

Maharashtra/Mumbai: मुंबई के भण्डुप इलाके में जल्द ही एक बड़ा इको नेचर पार्क और बर्डवॉचिंग सेंटर बनने जा रहा है। यह प्रोजेक्ट ठाणे क्रीक फ्लेमिंगो सैंक्चुअरी के अंदर बनाया जाएगा, जहाँ लोग अपने प्राकृतिक माहौल में करीब 25

Maharashtra/Mumbai: मुंबई के भण्डुप इलाके में जल्द ही एक बड़ा इको नेचर पार्क और बर्डवॉचिंग सेंटर बनने जा रहा है। यह प्रोजेक्ट ठाणे क्रीक फ्लेमिंगो सैंक्चुअरी के अंदर बनाया जाएगा, जहाँ लोग अपने प्राकृतिक माहौल में करीब 250 तरह के प्रवासी और स्थानीय पक्षियों को देख सकेंगे। महाराष्ट्र सरकार ने इस प्रोजेक्ट के लिए 45 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं।

मुंबई उपनगर के संरक्षक मंत्री Ashish Shelar ने इस प्रोजेक्ट की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इसका मकसद पर्यावरण को बचाते हुए इको-टूरिज्म को बढ़ावा देना है। मुलुंड के MLA Mihir Kotecha ने इस प्रोजेक्ट का प्रस्ताव रखा था, जिसे अब मंजूरी मिल गई है। यह पार्क लगभग 20.1 हेक्टेयर जमीन पर फैला होगा, लेकिन पर्यावरण का ध्यान रखते हुए केवल 0.35 हेक्टेयर हिस्से में ही निर्माण कार्य किया जाएगा ताकि मैंग्रोव इकोसिस्टम को कोई नुकसान न पहुंचे।

इस पार्क की सबसे खास बात यह है कि यहाँ भारत का पहला AI-powered बर्ड डिटेक्शन और मॉनिटरिंग सिस्टम लगाया जाएगा। यह सिस्टम 1.5 किलोमीटर के दायरे में पक्षियों की रियल-टाइम ट्रैकिंग और उनकी पहचान करने में मदद करेगा। इसके अलावा, यहाँ पर्यटकों के लिए कई सुविधाएं होंगी:

  • 2.16 किलोमीटर लंबा मैंग्रोव नेचर ट्रेल
  • पक्षी देखने के लिए स्पेशल डेक और मल्टी-लेवल वॉच टावर
  • बटरफ्लाई गार्डन और एक जेटी
  • नेचर इंटरप्रिटेशन सेंटर जिसमें लेक्चर हॉल भी होगा
  • पर्यावरण शिक्षा के लिए खास सुविधाएं और पार्किंग

पार्क में इस्तेमाल होने वाला इंफ्रास्ट्रक्चर भी इको-फ्रेंडली होगा, जिसमें मुख्य रूप से लकड़ी और बांस का इस्तेमाल किया जाएगा। इस प्रोजेक्ट को MoEFCC (CRZ क्लियरेंस), MMRDA और महाराष्ट्र इको-टूरिज्म बोर्ड जैसी संस्थाओं से मंजूरी मिल चुकी है।

वहीं, इससे अलग मुलुंड में एक Aviary (पक्षियों का बाड़ा) भी तैयार हो रहा है, जो भण्डुप पार्क से करीब 4 किलोमीटर दूर होगा। मुलुंड Aviary में 22 अलग-अलग प्रजातियों के पक्षी होंगे और इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर के बर्ड पार्कों की तर्ज पर बनाया जा रहा है। इसमें पक्षियों के लिए इन-हाउस अस्पताल और क्वारंटाइन सेंटर जैसी सुविधाएं भी होंगी।