Mumbai में BEST बसों की हड़ताल से बढ़ी मुसीबत, लाखों यात्री परेशान; MESMA लागू

Maharashtra: मुंबई की लाइफलाइन कही जाने वाली BEST बसों के कर्मचारियों ने शुक्रवार आधी रात से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। इस वजह से शहर की बस सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुई हैं और लाखों यात्रियों को ऑफिस या काम पर ज

Maharashtra: मुंबई की लाइफलाइन कही जाने वाली BEST बसों के कर्मचारियों ने शुक्रवार आधी रात से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। इस वजह से शहर की बस सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुई हैं और लाखों यात्रियों को ऑफिस या काम पर जाने के लिए भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। दक्षिण मुंबई में बिजली की सप्लाई पर भी इसका असर पड़ सकता है।

शुक्रवार सुबह शहर के 27 डिपो से बहुत कम बसें चलीं। हड़ताली कर्मचारियों ने बसों को डिपो से बाहर निकलने से रोका, जिससे लोग लोकल ट्रेन, मेट्रो, ऑटो और टैक्सी के भरोसे रहे। इस हड़ताल का असर BKC में होने वाले MMRDA के पब्लिक ट्रांसपोर्ट डे इवेंट पर भी पड़ने की उम्मीद है। BEST संयुक्त कामगार कृति समिति के तहत 12 यूनियन इस विरोध प्रदर्शन में शामिल हैं, जिनमें लगभग पूरा वर्कफोर्स जुड़ा हुआ है। हालांकि, श्रमिक उत्कर्ष सभा और BEST कामगार यूनियन ने इस आंदोलन से दूरी बना ली है।

प्रशासन ने स्थिति को संभालने के लिए महाराष्ट्र एसेंशियल सर्विसेज मेंटेनेंस एक्ट (MESMA) लागू कर दिया है। इसके तहत कर्मचारियों का छुट्टी लेना या हड़ताल में शामिल होना मना है। गुरुवार को इंडस्ट्रियल कोर्ट ने भी कर्मचारियों और कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स को हड़ताल न करने का अंतरिम आदेश दिया था। मुंबई पुलिस ने शांति बनाए रखने की अपील की है और चेतावनी दी है कि सार्वजनिक परिवहन में बाधा डालने या BEST की संपत्ति को नुकसान पहुँचाने वालों पर कानूनी कार्रवाई होगी।

यूनियन लीडर रंगनाथ सतवासे और दिनेश ने बताया कि वर्तमान और रिटायर्ड कर्मचारियों की आर्थिक हालत बहुत खराब है। उनका कहना है कि जब तक सरकार और प्रशासन उनकी मांगें पूरी नहीं करता, विरोध जारी रहेगा। कर्मचारियों की मुख्य मांगें नीचे दी गई हैं:

मुख्य मांगें
BEST के बजट को BMC के बजट के साथ मिलाना
रिटायर्ड कर्मचारियों के कानूनी बकाये का एकमुश्त भुगतान
2016-2026 के लिए सातवें वेतन आयोग की सिफारिशें और एरियर लागू करना
ट्रांसपोर्ट और बिजली विभाग में कॉन्ट्रैक्ट सिस्टम खत्म करना
वेट-लीज बस कर्मचारियों को स्थायी करना
खाली पदों पर नई भर्ती करना और बस बेड़े को 6,000 तक बढ़ाना
योग्य कर्मचारियों को समय पर प्रमोशन देना
निजीकरण और PPP मॉडल को पूरी तरह बंद करना

BEST अधिकारियों का कहना है कि वे स्थिति पर नजर रखे हुए हैं और जरूरी सेवाओं को चालू रखने के लिए वैकल्पिक इंतजाम किए गए हैं।