Mumbai में BEST बस कर्मियों की हड़ताल पर कोर्ट ने लगाई रोक, आम जनता को बड़ी राहत
Maharashtra: मुंबई की लाइफलाइन कही जाने वाली BEST बसों के कर्मचारियों द्वारा की जा रही हड़ताल पर कोर्ट ने रोक लगा दी है। मुंबई की इंडस्ट्रियल कोर्ट ने BEST प्रशासन के पक्ष में अंतरिम आदेश जारी किया है, जिससे शहर की परिवह
Maharashtra: मुंबई की लाइफलाइन कही जाने वाली BEST बसों के कर्मचारियों द्वारा की जा रही हड़ताल पर कोर्ट ने रोक लगा दी है। मुंबई की इंडस्ट्रियल कोर्ट ने BEST प्रशासन के पक्ष में अंतरिम आदेश जारी किया है, जिससे शहर की परिवहन व्यवस्था को टूटने से बचा लिया गया है। कोर्ट ने साफ कहा कि अगर इस हड़ताल को नहीं रोका गया, तो आम जनता को बहुत ज्यादा परेशानी और कठिनाई का सामना करना पड़ेगा।
यह पूरा मामला कोर्ट में शिकायत नंबर 190/2026 के तहत पहुंचा था, जिसे BEST ने महाराष्ट्र ट्रेड यूनियन रिकग्निशन एक्ट के तहत दर्ज कराया था। कोर्ट के इस आदेश के बाद अब कर्मचारी और वेट लीज ऑपरेटर हड़ताल शुरू नहीं कर सकते। इसके साथ ही महाराष्ट्र सरकार ने MESMA कानून लागू कर दिया है, जिससे यह आंदोलन अब गैरकानूनी हो गया है। मुंबई पुलिस ने भी चेतावनी दी है कि अगर किसी ने भी सार्वजनिक परिवहन में बाधा डाली या संपत्ति को नुकसान पहुंचाया, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
हालांकि, इस कानूनी रोक के बावजूद ‘BEST कामगार कृति समिति’ ने अपनी जिद नहीं छोड़ी है। समिति ने ऐलान किया कि वे शुक्रवार, 19 जून की आधी रात से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाएंगे। खबरों के मुताबिक, मुंबई के 27 डिपो में कई कर्मचारी ड्यूटी पर नहीं पहुंचे हैं, जिससे बस सेवाओं और दक्षिण मुंबई की बिजली आपूर्ति पर असर पड़ सकता है। वहीं, प्रसाद लाड और शशांक राव के नेतृत्व वाले कुछ यूनियन इस हड़ताल से अलग रहे हैं और प्रशासन के साथ बातचीत में विश्वास रखते हैं।
हड़ताल करने वाले कर्मचारियों की मुख्य मांगें इस प्रकार हैं:
| मुख्य मांगें | विवरण |
|---|---|
| बजट विलय | BEST के बजट को BMC के साथ मिलाना |
| वेतन आयोग | 2016-2026 के लिए सातवें वेतन आयोग को लागू करना |
| कर्मचारियों की भर्ती | खाली पदों को भरना और कॉन्ट्रैक्ट सिस्टम खत्म करना |
| बस संचालन | BEST के अपने 6,000 बसों को चलाना |
| रिटायर्ड स्टाफ | सेवानिवृत्त कर्मचारियों के कानूनी बकाये का एकमुश्त निपटारा |
| निजीकरण का विरोध | PPP मॉडल और निजीकरण को पूरी तरह खारिज करना |
BEST एक बेहद जरूरी सेवा है जिससे रोजाना करीब 25 लाख यात्री सफर करते हैं और आइलैंड सिटी के 10 लाख से ज्यादा उपभोक्ता बिजली के लिए इस पर निर्भर हैं। ऐसे में इस विवाद का असर सीधे तौर पर आम आदमी की जेब और समय पर पड़ेगा।