Maharashtra: मुंबई में दादर बस हादसे के बाद BEST प्रशासन ने यात्रियों की सुरक्षा के लिए कड़े कदम उठाए हैं। BEST की जनरल मैनेजर Sonia Sethi ने सभी कॉन्ट्रैक्ट बस ड्राइवरों के लिए 3 दिन की क्रैश-प्रिवेंशन ट्रेनिंग अनिवार्य
Maharashtra: मुंबई में दादर बस हादसे के बाद BEST प्रशासन ने यात्रियों की सुरक्षा के लिए कड़े कदम उठाए हैं। BEST की जनरल मैनेजर Sonia Sethi ने सभी कॉन्ट्रैक्ट बस ड्राइवरों के लिए 3 दिन की क्रैश-प्रिवेंशन ट्रेनिंग अनिवार्य कर दी है। अब बसों की जांच और ड्राइवरों की निगरानी पहले से ज्यादा सख्त होगी ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।
ड्राइवरों के लिए क्या हैं नए नियम और ट्रेनिंग?
BEST ने कॉन्ट्रैक्ट ड्राइवरों के लिए विशेष ट्रेनिंग प्रोग्राम शुरू किया है। इसमें ड्राइवरों को स्पीड कंट्रोल, चौराहों पर सावधानी, पैसेंजर सेफ्टी और इमरजेंसी के समय बस संभालने के तरीके सिखाए जाएंगे। इसके अलावा, इलेक्ट्रिक बसों के लिए ट्रेनिंग पीरियड को एक हफ्ते से बढ़ाकर चार हफ्ते कर दिया गया है। इसमें ढलान और तंग रास्तों पर बस चलाने और हैंडब्रेक के सही इस्तेमाल की जानकारी दी जाएगी।
बसों की चेकिंग और निगरानी कैसे होगी?
अब डिपो अधिकारी महीने में कम से कम दो बार वेट लीज बसों की जांच करेंगे। सुबह-सुबह अचानक चेकिंग (Snap Checks) की जाएगी और बस टर्मिनस पर खड़ी बसों की तकनीकी कमियों को देखा जाएगा। साथ ही, सादे कपड़ों में बस इंस्पेक्टर तैनात रहेंगे जो यह देखेंगे कि कोई ड्राइवर मोबाइल फोन का इस्तेमाल तो नहीं कर रहा या खतरनाक तरीके से ओवरटेक तो नहीं कर रहा है।
हादसों का आंकड़ा और सख्त कार्रवाई
आंकड़ों के मुताबिक, अगस्त 2025 से मई 2026 के बीच मुंबई में 907 बस हादसे हुए, जिनमें से 887 वेट-लीज़ ऑपरेटरों की बसों से जुड़े थे। BEST कमेटी की चेयरपर्सन Trushna Vishwasrao ने साफ किया है कि सिर्फ जुर्माना लगाने से काम नहीं चलेगा, बल्कि सख्त कार्रवाई की जाएगी। जिन ड्राइवरों का रिकॉर्ड खराब है या जो बार-बार नियम तोड़ते हैं, उन्हें ड्यूटी से हटा दिया जाएगा।
Frequently Asked Questions (FAQs)
दादर बस हादसे के बाद BEST ने क्या बड़ा फैसला लिया है?
BEST ने सभी कॉन्ट्रैक्ट ड्राइवरों के लिए 3 दिन की क्रैश-प्रिवेंशन ट्रेनिंग अनिवार्य की है और वेट लीज बसों की महीने में दो बार जांच करने का आदेश दिया है।
इलेक्ट्रिक बस ड्राइवरों की ट्रेनिंग में क्या बदलाव हुए हैं?
इलेक्ट्रिक बसों के लिए ट्रेनिंग प्रोग्राम को 1 हफ्ते से बढ़ाकर 4 हफ्ते कर दिया गया है, जिसमें एडवांस ब्रेकिंग सिस्टम और सुरक्षित ड्राइविंग पर जोर दिया जाएगा।