Maharashtra: मुंबई के लोअर परेल स्थित एक बैंक्वेट हॉल को उपभोक्ता अदालत ने भारी जुर्माना भरने का आदेश दिया है। दरअसल, एक परिवार ने अपने रिश्तेदार के जन्मदिन के लिए हॉल बुक किया था, लेकिन वहां AC खराब होने की वजह से मेहमा
Maharashtra: मुंबई के लोअर परेल स्थित एक बैंक्वेट हॉल को उपभोक्ता अदालत ने भारी जुर्माना भरने का आदेश दिया है। दरअसल, एक परिवार ने अपने रिश्तेदार के जन्मदिन के लिए हॉल बुक किया था, लेकिन वहां AC खराब होने की वजह से मेहमानों को काफी परेशानी हुई। जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने इसे सेवा में कमी माना है और हॉल प्रबंधन को रिफंड और मुआवजा देने को कहा है।
कितना जुर्माना और मुआवजा देना होगा?
अदालत ने Datamatics Food & Beverages Pvt Ltd द्वारा संचालित बैंक्वेट हॉल को कुल 37,557 रुपये का भुगतान करने का निर्देश दिया है। इस राशि में सेवा में कमी के लिए 22,557 रुपये (अगस्त 2024 से 6% वार्षिक ब्याज के साथ), मानसिक परेशानी के लिए 10,000 रुपये और कानूनी खर्च के लिए 5,000 रुपये शामिल हैं। प्रबंधन को यह भुगतान 45 दिनों के भीतर करना होगा।
उपभोक्ता अदालत ने क्या तर्क दिया?
घाटकोपर की रहने वाली आरती जैन ने यह शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने इस आयोजन के लिए 3.6 लाख रुपये खर्च किए थे। आयोग ने साफ किया कि जब कोई व्यक्ति पारिवारिक समारोह के लिए बैंक्वेट हॉल बुक करता है, तो AC उसकी सेवाओं का एक जरूरी हिस्सा होता है। भले ही बिल में AC का पैसा अलग से नहीं लिखा गया था, लेकिन कुल रकम में यह शामिल माना गया। अदालत ने कुल खर्च के 10% के आधार पर रिफंड की गणना की है।
हॉल प्रबंधन का क्या रहा पक्ष?
मामले की सुनवाई के दौरान बैंक्वेट हॉल प्रबंधन को नोटिस भेजे गए थे, लेकिन वे अदालत के सामने पेश नहीं हुए। इस वजह से आयोग ने शिकायतकर्ता के पक्ष को सुना और फैसला सुनाया। यह फैसला उन लोगों के लिए जरूरी है जो महंगे वेन्यू बुक करते हैं और वहां बुनियादी सुविधाएं नहीं मिलती हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
यह घटना कब हुई थी और फैसला कब आया?
AC खराब होने की घटना जुलाई 2024 में हुई थी और जिला उपभोक्ता आयोग ने अप्रैल 2026 में अपना फैसला सुनाया।
उपभोक्ता अदालत ने AC को क्या माना?
अदालत ने AC को बैंक्वेट हॉल की कम्पोजिट सर्विस का एक अनिवार्य हिस्सा (essential component) माना है।