Maharashtra: मुंबई के Bandra इलाके में Western Railway ने अब तक का सबसे बड़ा अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाया है। Garib Nagar स्लम एरिया में करीब 600 करोड़ रुपये की रेलवे जमीन को खाली कराया गया है। यह कार्रवाई मंगलवार 19 मई
Maharashtra: मुंबई के Bandra इलाके में Western Railway ने अब तक का सबसे बड़ा अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाया है। Garib Nagar स्लम एरिया में करीब 600 करोड़ रुपये की रेलवे जमीन को खाली कराया गया है। यह कार्रवाई मंगलवार 19 मई 2026 से शुरू हुई थी, जो 23 मई तक चलेगी। इस दौरान इलाके में काफी तनाव रहा और हिंसा भी हुई, जिसके बाद पुलिस ने कई लोगों को गिरफ्तार किया है।
रेलवे जमीन पर क्या कार्रवाई हुई और क्यों
Western Railway ने Bombay High Court और Supreme Court के आदेश पर यह कदम उठाया है। अधिकारियों के मुताबिक, Garib Nagar में करीब 500 अवैध ढांचे थे, जिनमें से 22 मई तक लगभग 85% को हटा दिया गया है। रेलवे का कहना है कि अब तक 60% से ज्यादा जमीन पूरी तरह खाली हो चुकी है। इस जमीन का इस्तेमाल भविष्य में रेलवे के विकास के लिए किया जाएगा।
| विवरण |
जानकारी |
| कुल जमीन की कीमत |
लगभग 600 करोड़ रुपये |
| हटाए गए ढांचे |
करीब 85% (500 में से) |
| अभियान की अवधि |
19 मई से 23 मई 2026 |
| गिरफ्तार लोग |
19 व्यक्ति (एक नाबालिग शामिल) |
| कोर्ट का आदेश |
Bombay High Court (29 अप्रैल 2026) |
हिंसा और गिरफ्तारियों का क्या मामला है
इस अभियान के दूसरे दिन यानी 20 मई को एक धार्मिक ढांचे को हटाने के विरोध में हंगामा शुरू हो गया था। लोगों ने पत्थरबाजी की, जिसके जवाब में पुलिस ने लाठीचार्ज किया। मुंबई पुलिस ने अब तक 19 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिसमें एक नाबालिग भी है जिसे रिमांड होम भेजा गया है। पुलिस CCTV फुटेज के जरिए पत्थरबाजी करने वाले अन्य लोगों की पहचान कर रही है। इनमें से 16 आरोपी 26 मई तक पुलिस हिरासत में रहेंगे।
पुनर्वास और भविष्य की योजनाएं क्या हैं
Western Railway इस खाली जमीन पर बुनियादी ढांचे का विस्तार करेगी। इसमें Santacruz-Mumbai Central कॉरिडोर पर पांचवीं और छठी रेलवे लाइन, एलिवेटेड रोड, नए प्लेटफॉर्म और कमर्शियल बिल्डिंग बनाना शामिल है। MMRDA के साथ मिलकर करीब 100 पात्र परिवारों के पुनर्वास की योजना बनाई गई है। रेलवे ने भरोसा दिया है कि पात्र लोगों को वैकल्पिक घर मिलने से पहले उनके घर नहीं गिराए जाएंगे, जिसमें करीब चार महीने का समय लग सकता है। हालांकि, जून में आने वाले मानसून को देखते हुए बेघर हुए परिवारों की चिंता बढ़ गई है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
Bandra के Garib Nagar में तोड़फोड़ क्यों की गई?
यह कार्रवाई Bombay High Court और Supreme Court के आदेश पर की गई है ताकि 600 करोड़ रुपये की रेलवे जमीन से अवैध कब्जे हटाकर वहां नई रेलवे लाइन और बुनियादी ढांचे का विकास किया जा सके।
क्या सभी परिवारों को दूसरी जगह घर मिलेगा?
Western Railway और MMRDA करीब 100 पात्र (eligible) परिवारों के पुनर्वास पर काम कर रहे हैं। रेलवे ने कहा है कि पात्र लोगों को वैकल्पिक आवास दिए जाने के बाद ही उनके ढांचे हटाए जाएंगे।