Maharashtra: मुंबई के कलिना इलाके में एयर इंडिया की चार रेजिडेंशियल कॉलोनियां अब इतिहास बनने जा रही हैं। करीब 184 एकड़ में फैली इन कॉलोनियों को रहने वाले आखिरी लोग 31 मई 2026 तक खाली कर देंगे। 1955 से बसी ये कॉलोनियां मु
Maharashtra: मुंबई के कलिना इलाके में एयर इंडिया की चार रेजिडेंशियल कॉलोनियां अब इतिहास बनने जा रही हैं। करीब 184 एकड़ में फैली इन कॉलोनियों को रहने वाले आखिरी लोग 31 मई 2026 तक खाली कर देंगे। 1955 से बसी ये कॉलोनियां मुंबई में एयर इंडिया की आखिरी रियल एस्टेट मौजूदगी थीं, जो अब पूरी तरह खत्म हो जाएगी।
खाली क्यों हो रही हैं ये कॉलोनियां?
इन कॉलोनियों को खाली कराने की मुख्य वजह एयर इंडिया का निजीकरण है। जनवरी 2022 में Tata Sons ने एयर इंडिया को खरीदा था। सरकार ने कर्ज चुकाने के लिए एयर इंडिया की गैर-जरूरी संपत्तियों को बेचने का फैसला किया। इसके लिए AI Assets Holding Ltd नाम की एक कंपनी बनाई गई। वहीं, मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (MIAL) ने भी इस जमीन को वापस मांगा था क्योंकि यह उनके संचालन के लिए जरूरी थी।
कोर्ट की लड़ाई और आखिरी तारीख
एयर इंडिया के कर्मचारियों और यूनियनों ने इस बेदखली के खिलाफ लंबी कानूनी लड़ाई लड़ी। उन्होंने तर्क दिया कि घर मिलना उनकी नौकरी की एक जरूरी शर्त थी। यह मामला लेबर कोर्ट और बॉम्बे हाई कोर्ट के बाद सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा, लेकिन वहां भी उन्हें राहत नहीं मिली। सुप्रीम कोर्ट ने पहले 30 नवंबर 2025 की डेडलाइन दी थी, जिसे बाद में बच्चों की पढ़ाई और एकेडमिक साल खत्म होने तक बढ़ाकर 31 मई 2026 कर दिया गया।
कर्मचारियों पर क्या असर पड़ा?
एविएशन इंडस्ट्री एम्प्लॉइज गिल्ड के मुताबिक, मैनेजमेंट ने कर्मचारियों पर काफी दबाव बनाया। आरोप है कि रियायती यात्रा लाभ और रिटायरमेंट के पैसों को रोका गया। साथ ही, सैलरी से पेनल्टी के तौर पर रहने का शुल्क भी काटा गया। अब AIESL और AIASL के करीब 150 कर्मचारी, जो यहां रह रहे थे, धीरे-धीरे अपना घर खाली कर चुके हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
कलिना की कॉलोनियों को खाली करने की आखिरी तारीख क्या थी?
सुप्रीम कोर्ट और MIAL के बीच हुए तालमेल के बाद, निवासियों को एकेडमिक साल पूरा करने के लिए समय दिया गया और आखिरी तारीख 31 मई 2026 तय की गई।
इन कॉलोनियों की जमीन अब किसके पास जाएगी?
यह 184 एकड़ जमीन मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (MIAL), जो अडानी ग्रुप के पास है, के कब्जे में जाएगी।